अपने ग्राहकों को तय वक्त पर मकानों का कब्जा देने में नाकामयाब रहने वाले आम्रपाली ग्रुप की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. एनडीटीवी के मुताबिक बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली की नौ संपत्तियों को सील करने के आदेश दिए हैं. यही वे संपत्तियां हैं जहां इस ग्रुप की 46 कंपनियों के बैंक खातों संबंधी दस्तावेज रखे गए हैं. सील की गई ये संपत्तियां दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा के अलावा बिहार के बक्सर और राजगीर में स्थित हैं.

इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस यूयू ललित और अरुण मिश्रा की बेंच ने आम्रपाली ग्रुप की 46 कंपनियों के बैंक खातों के ब्यौरे को फॉ​रेंसिक आॅडिटर्स के पास न जमा करने पर नाराजगी जताते हुए कंपनी के चेयरमैन अनिल शर्मा, डायरेक्टरों अजय कुमार और शिव प्रिया को हिरासत में लिए जाने के आदेश दिए थे. साथ ही दो सदस्यों की बेंच ने इन्हें तब तक हिरासत में रखे जाने के लिए कहा था जब तक इनकी तरफ से बैंक खातों के ब्यौरे को फॉरेंसिक आॅडिटर्स को नहीं सौंप दिया जाता.

उधर, बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अनिल शर्मा, अजय कुमार और शिव प्रिया की तरफ से उन्हें किसी घर या फिर गेस्ट हाउस में रखे जाने की अपील की गई, लेकिन जस्टिस यूयू ललित और डीवाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने इस अपील को मानने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही पीठ ने इन तीनों को पुलिस थाने में ही हिरासत में रखे जाने के आदेश दिए. साथ ही यह भी कहा कि इन्हें पुलिस थाने के लॉक अप में बंद न किया जाए.

आम्रपाली ग्रुप बीते कुछ समय से वित्तीय संकट से जूझ रहा है जिसकी वजह से वह अपनी आवासीय परियोजनाओं का निर्माण तय वक्त पर नहीं कर पाया है. इस बीच मकानों का कब्जा दिए जाने की तय मियाद बीत जाने के बाद इस समूह के करीब 42 हजार ग्राहकों ने अपना घर पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल की थी जिस पर सुनवाई जारी है.