भारत में शुरू हुए ‘मी टू’ अभियान के तहत लेखिका व प्रोड्यूसर विंता नंदा ने आलोक नाथ पर बलात्कार तो अभिनेत्री संध्या मृदुल ने उन पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यौन शोषण के इन आरोपों के मद्देनजर आलोक नाथ इन दोनों महिलाओं के खिलाफ मानहानि का दावा करने पर विचार कर रहे हैं.

इस बीच आलोक नाथ के वकील अशोक सरोगी ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में शोषण के इन आरोपों को ‘योजनाबद्ध साजिश’ करार दिया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है, ‘आलोक नाथ के खिलाफ की जा रही शिकायतें झूठी और बेबुनियाद हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक व्यक्ति के साथ कुछ गलत हुआ तो उसने उसे बताने में 19 साल लगा दिए. इसके बाद एक दूसरे मामले को लेकर एक अन्य महिला ने उसका समर्थन कर दिया. इससे पता चलता है कि यह किसी खास उद्देश्य से किया रहा है.’

इसके साथ ही उनका यह भी कहना है, ‘अगर जरूरत पड़ी तो यौन शोषण के आरोप के जरिये आलोक नाथ की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली महिलाओं के खिलाफ हर्जाना भरने के लिए भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.’

इससे पहले सोमवार को फेसबुक पर लिखी एक पोस्ट के जरिये विंता नंदा ने आलोक नाथ पर 19 साल पहले उनके साथ बलात्कार करने और लंबे समय तक उन्हें प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे. इसके बाद बुधवार को विंता नंदा का समर्थन करते हुए संध्या मृदुल ने एक ​ट्वीट में लिखा था कि साल 1990 में एक टेलीफिल्म की शूटिंग के दौरान आलोक नाथ ने उनके साथ गलत व्यवहार किया था.