‘यौन शोषण के आरोपितों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए.’

— रेखा शर्मा, राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख

रेखा शर्मा का यह बयान ‘मी टू’ अभियान के जरिये शोषण का आरोप लगाने वाली महिलाओं के समर्थन में आया है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि आरोप लगाने वाली इन महिलाओं को राष्ट्रीय महिला आयोग में संबंधित मामलों की शिकायत दर्ज कराने के लिए भी आगे आना चाहिए. रेखा शर्मा के मुताबिक, ‘यौन शोषण के मामलों की शिकायतें न दर्ज कराए जाने की वजह से ऐसे गंभीर अपराधों को बढ़ावा मिलता है.


‘मैं न तो उत्पीड़न करने वालों में से हूं, न था और न ही कभी होऊंगा.’

— चेतन भगत, लेखक

चेतन भगत का यह बयान उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप पर सफाई देते हुए आया है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना है कि उन पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला सहित उन्होंने अपनी पत्नी से माफी मांग ली थी. इसके बावजूद यौन शोषण जैसे घृणास्पद अपराध करने वाले लोगों की लगातार बढ़ती सूची में उनका नाम जोड़ा जा रहा है. चेतन भगत के मुताबिक उत्पीड़न के आरोप लगने की वजह से उन्होंने अपनी नई किताब के प्रचार का काम भी बंद कर दिया है क्योंकि इस दौरान वे ‘मी टू’ अभियान पर लोगों व पत्रकारों से बात नहीं करना चाहते.


‘तीन पत्रकारों ने एमजे अकबर की असलियत को दुनिया के सामने रख दिया है.’

— असदुद्दीन ओवैसी, आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख

असदुद्दीन ओवैसी का यह बयान ​विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन शोषण के आरोपों के संबंध में आया है. एक ट्वीट में आवैसी ने लिखा है, ‘एमजे अकबर शर्म करिये! संसद में आप तीन तलाक विधेयक पर मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके उत्पीड़न को रोकने की बात करते हैं?’ इसके साथ ही ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विदेश राज्य मंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पद से हटाने की मांग भी की है.


‘नाना पाटेकर, विकास बहल और आलोक नाथ अगर कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो एफडब्ल्यूसीआई के सदस्य उनका बहिष्कार करेंगे.’

— अशोक पंडित, एफडब्ल्यूसीआई के मुख्य सलाहकार

अशोक पंडित का यह बयान फिल्मी जगत से जुड़ी इन हस्तियों पर लगे शोषण के आरोपों के मद्देनजर आया है. फेडरेशन आॅफ वेस्टर्न सिने इंडिया एम्प्लॉयीज (एफडब्ल्यूसीआई) द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने यह भी कहा है कि ‘हम ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जिससे कोई अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल न कर सके.’ अशोक पंडित के मुताबिक इन आरोपितों को अपना पक्ष रखने के लिए उचित समय दिया गया है.


‘एमजे अकबर सफाई दें या फिर उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.’

— एस जयपाल रेड्डी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

एस जयपाल रेड्डी ने भी यौन शोषण के आरोपों के मद्देनजर एमजे अकबर के आचरण की जांच कराए जाने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा है इस मामले पर कोई टिप्पणी न करके विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही हैं. उधर कांग्रेस की ही प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने सुषमा स्वराज के एक महिला होने के बावजूद इस मामले पर कोई बयान न देने को दुखद बताया है. इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस मामले से बचते हुए कहा है कि एमजे अकबर पर लगे आरोपों पर टिप्पणी करने के लिए वे सही व्यक्ति नहीं हैं.