अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट का असर गुरुवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला. बॉम्बे स्टॉक एक्सजेंच (बीएसई) का सूचकांक सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी, दोनों दो प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ खुले. 697.07 की गिरावट के साथ खुलने के तुरंत बाद सेंसेक्स ने 1000 अंक का गोता लगा दिया और 33,759 पर पहुंच गया. वहीं, निफ्टी में भी 290.3 अंकों की गिरावट के साथ 10,169.80 पर कारोबार की शुरुआत हुई. शेयर बाजार में आई इस गिरावट के कारण कुछ ही मिनटों में निवेशकों के चार लाख करोड़ रुपये डूब गए. बुधवार को बीएसई में मौजूद कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 138.39 लाख करोड़ रुपये था जो गुरुवार की सुबह घटकर 134.38 लाख करोड़ रुपये हो गया.

रुपये ने भी गोता लगाया

भारतीय मुद्रा में भी गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही है. गुरुवार को अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 74.30 के स्तर पर खुला और कुछ ही देर बाद यह 74.47 के नए न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया. इससे पहले बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 18 पैसे मजबूत होकर 74.21 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. जानकारों के मुताबिक रुपये में आ रही गिरावट की वजह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) है. बीते शुक्रवार को आरबीआई ने मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं किए थे. आरबीआई से उम्मीद थी कि वह रुपये में गिरावट को रोकने के लिए ब्याज दरें बढ़ाएगा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया.