जम्मू-कश्मीर रियासत के आखिरी शासक महाराजा हरि सिंह के पोते और पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए हैं. इससे पहले विक्रमादित्य सिंह पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) में थे और पार्टी ने उन्हें 2015 में विधान परिषद का सदस्य बनाया था. हालांकि उन्होंने अक्टूबर, 2017 में पीडीपी और जम्मू-कश्मीर विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उस समय विक्रमादित्य सिंह ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा था कि उनका पार्टी में आगे बने रहना नैतिक रूप से सही नहीं है. इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि पीडीपी ने उन मुद्दों को नजरअंदाज किया है जो राज्य के लोगों के लिए बेहद अहम हैं. तब विक्रमादित्य सिंह ने राज्य में रोहिग्या मुसलमानों की अवैध बसाहटों और डोगरा समुदाय से जुड़े लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई थी और उनके मुताबिक पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार इन मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दे रही थी.

बीते जून में भारतीय जनता पार्टी ने पीडीपी से अपना गठबंधन तोड़ लिया था, जिसके बाद से जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू है. फिलहाल जम्मू-कश्मीर में साल 2005 के बाद पहली बार स्थानीय निकायों के चुनाव हो रहे हैं.