दो दिन पहले पाकिस्तान को लेकर खबर आई थी कि वह नकदी संकट से जूझ रहा है. इस वजह से उसके सामने भुगतान संतुलन का संकट पैदा हो गया है. इसी से निपटने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की शरण में पहुंचा था. अब खबर है कि पाकिस्तान ने आईएमएफ से आठ अरब डॉलर (करीब 60,000 करोड़ रुपये) के ऋण पैकेज की मांग की है. पीटीआई-भाषा के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से मांगा गया यह अब तक का सबसे बड़ा ऋण पैकेज है.

उधर, एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक पैकेज को लेकर आईएमएफ पाकिस्तान के सामने कड़ी शर्तें रख सकता है. वहीं, पाकिस्तान इन शर्तों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त ऋण की मांग कर सकता है जिसके चलते पैकेज 12 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. अखबार में कहा गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन ने भी सत्ता में रहने और अंतरिम सरकार के दौरान भी इस मसले पर बातचीत की थी. हालांकि, इस पर अंतिम फैसला सोमवार रात को हुआ जब मौजूदा सरकार के वित्त मंत्री असद उमर ने विदेशी मुद्रा भंडार संकट से बाहर निकलने के लिए आईएमएफ से राहत पैकेज की मांग करने की पुष्टि की.

उधर, आईएमएफ ने मंगलवार को कहा था कि वह वित्तीय सहायता के पाकिस्तान के अनुरोध को बहुत सावधानीपूर्वक सुनेगा. बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान आईएमएफ से एक दर्जन से भी ज्यादा वित्तीय पैकेज ले चुका है.