ग्राहकों को तय वक्त पर मकान का कब्जा देने में असफल रहने के साथ वित्तीय संकट से जूझ रहे आम्रपाली ग्रुप की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. खबरों के मुताबिक अपने आदेशों की अनदेखी के मद्देनजर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के चेयरमैन अनिल शर्मा सहित दो डायरेक्टरों शिव प्रिया और अजय कुमार के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है. इसके साथ ही इन्हें चार हफ्ते के भीतर इसका जवाब देने को भी कहा गया है.

इसके अलावा जस्टिस यूयू ललित और डीवाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने ग्रुप के चेयरमैन सहित दोनों डायरेक्टरों को 15 दिन की पुलिस हिरासत में रखे जाने के आदेश भी दिए हैं. खंडपीठ ने इसके साथ ही इन तीनों के मोबाइल फोन जब्त करने के आदेश दिए हैं. हालांकि इनके लिए राहत की बात यह है कि हिरासत के दौरान इन तीनों को पुलिस थाने में रखे जाने के बजाय नोएडा के एक होटल में रखे जाने की इनकी मांग को शीर्ष अदालत ने स्वीकार कर लिया है.

इस बीच सुप्रीम कोर्ट की इस खंडपीठ ने नोएडा के एसएसपी को आदेश देते हुए इन तीनों को उन जगहों पर भी ले जाने के लिए कहा है जहां इस ग्रुप की 46 कंपनियों के बैंक खातों के ब्यौरे संबंधी कागजात रखे गए हैं. साथ ही फॉरेंसिक आॅडिटर्स से कहा है कि संबंधित कागजात मिलने के बाद वे दस हफ्ते के भीतर आॅडिटिंग का काम पूरा कर लें.

इससे पहले इसी बुधवार को सुनवाई के दौरान आम्रपाली ग्रुप पर शिंकजा कसते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ग्रुप की नौ परिसंपत्तियों को सील करने के आदेश दिए थे. ये परिसंपत्तियां दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलावा बिहार के बक्सर और राजगीर में स्थित हैं. इसके अलावा बीते मंगलवार को आम्रपाली के इन डायरेक्टरों की मुश्किलें तब बढ़नी शुरू हुई थीं जब ग्रुप की 46 कंपनियों के बैंक खातों का ब्यौरा न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें पुलिस हिरासत में लिए जाने के आदेश दिए थे.

मुख्यरूप से एनसीआर के शहरों में आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाओं का निर्माण करने वाला आम्रपाली ग्रुप बीते कुछ समय से वित्तीय संकट में घिरा हुआ है. इसी वजह से यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा की कई आवासीय परियोजनाओं का समय पर निर्माण नहीं कर पाया है. उधर, तय वक्त पर मकानों का कब्जा न मिल पाने से करीब 42 हजार ग्राहकों ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और इस मामले की सुनवाई देश की शीर्ष अदालत में चल रही है.