गंगा की साफ-सफाई के मुद्दे पर 22 जून से अनिश्चितकालीन अनशन कर रहे प्रसिद्ध पर्यावरणविद जीडी अग्रवाल का निधन हो गया है. एएनआई के मुताबिक 86 वर्षीय जीडी अग्रवाल का निधन हृदयाघात से हुआ है.

स्वामी सानंद स्वरूप यानी जीडी अग्रवाल ने हरिद्वार में अपना अनशन शुरू किया था. पहले वे अनशन के दौरान पानी और शहद का सेवन कर रहे थे लेकिन बीते हफ्ते उन्होंने इसे भी छोड़ दिया था. इसके बाद बुधवार को उन्हें ऋषिकेश के एम्स में भर्ती करवाया गया था और यहीं उनका निधन हुआ है.

कानपुर आईआईटी में सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रह चुके जीडी अग्रवाल राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण के सदस्य भी रह चुके थे. वहीं वे राष्ट्रीय प्रदूषण बोर्ड के पहले सदस्य सचिव भी रहे थे. इसके अलावा सरकार अतीत में देश की तमाम नदियों की साफ-सफाई से जुड़े मुद्दों पर उनकी सलाह लेती रही है.

अग्रवाल गंगा के स्वाभाविक प्रवाह को बनाए रखने, उसमें प्रदूषण रोकने, नदी किनारे अतिक्रमण हटाने और इन सब कामों के लिए एक विशेष कानून बनाने की मांग को लेकर अनशन पर थे.