निजी क्षेत्र की अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी ‘स्पेसएक्स’ वैसे तो अक्सर चर्चा में रहती ही है, लेकिन इस हफ्ते यह एक अलग वजह से सुर्खियों में आई. बीते रविवार को इस कंपनी के सबसे सफल रॉकेट ‘फॉल्कन-9’ की एक उड़ान निर्धारित थी. इस रॉकेट के जरिए कंपनी अर्जेंटीना के एक उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने वाली थी.

‘फॉल्कन-9’ को कैलीफोर्निया के वेडेनबर्ग एयरफोर्स बेस से उड़ान भरनी थी और योजना के मुताबिक उसे इसमें कोई दिक्कत नहीं आई. लेकिन इस बीच यह हुआ कि जब रॉकेट ने दूसरे चरण में प्रवेश किया तो वह जिस ऊंचाई पर था, वहां उसके पीछे एक बड़ी ही रहस्यमयी रौशनी फैलने लगी. कहने को तो यह बहुत ही खूबसूरत नजारा था, लेकिन हर रॉकेट लॉन्च में इसे देखना मुमकिन नहीं होता सो इससे जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुए और कुछ लोगों ने इसे उड़न तश्तरी (यूएफओ) तक समझ लिया.

वैज्ञानिकों के मुताबिक इस नजारे को ट्वाइलाइट फेनोमिना कहते हैं. यह रौशनी तब पैदा होती है जब एक निश्चित ऊंचाई पर सूरज की रोशनी धुएं और रॉकेट के अधजले ईंधन से टकराती है. चूंकि फॉल्कन-9 रॉकेट ने सूर्यास्त के कुछ ही देर बाद उड़ान भरी थी सो जैसे ही यह एक निश्चित ऊंचाई पर पहुंचा इसके आसपास यह रहस्यमय रौशनी दिखने लगी और जिसके बाद इस रॉकेट को बनाने वाली कंपनी स्पेसएक्स भी चर्चा में आ गई.