फ्रांस और भारत के बीच हुए रफाल लड़ाकू विमानों के सौदे में उद्योगपति अनिल अंबानी की भूमिका को लेकर कांग्रेस लगातार भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को घेर रही है. हाल में ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फिर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ने इस सौदे में सीधे तौर पर 30,000 करोड़ रुपए अनिल अंबानी के जेब में डाले. कांग्रेस का यह आरोप इस तथ्य के मद्देनज़र है कि रफाल विमान बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दसॉ एविएशन ने भारत में इन विमानों के निर्माण के लिए अनिल अंबानी की रिलायंस डिफेंस को अपना साझीदार बनाया है. स्वाभाविक तौर पर इससे मोदी सरकार परेशान है. लेकिन द इकॉनॉमिक टाइम्स में छपी ख़बर की मानें तो वह अब कुछ ऐसी तैयारी कर रही है जिससे अनिल अंबानी के मामले में ही कांग्रेस बचाव की मुद्रा में आ जाए.

सूत्रों के हवाले से अख़बार ने बताया है कि मोदी सरकार अब पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है. इसके ज़रिए यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) सरकार के 10 साल के कार्यकाल में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस एडीएजी (अनिल धीरूभाई अंबानी समूह) को कितने ठेके दिए गए. उनमें प्रक्रिया का ठीक-ठीक पालन किया गया या नहीं. नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी इसकी पुष्टि करते हैं.

सूत्रों की मानें तो जिन मंत्रालयों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है उनमें ऊर्जा, दूरसंचार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग आदि प्रमुख हैं. इनके अलावा सरकारी उपक्रम जैसे- भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मुंबई महानगर क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण और दिल्ली मेट्रो रेल निगम आदि से भी जानकारी निकलवाई जा रही है. सूत्र बताते हैं कि अभी शुरूआत में ही यूपीए सरकार के आख़िरी सात साल में रिलायंस एडीएजी को क़रीब एक लाख करोड़ रुपए के ठेके मिलने की जानकारी सामने आ चुकी है.

बताते हैँ कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में रिलायंस एडीए समूह की कंपनियों- आरकॉम, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस पावर, रिलायंस नेचुरल रिसोर्स, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस मीडिया वर्क को तमाम ठेके दिए गए थे. उनमें से तमाम ऐसे में जिनमें प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं किया गया. यानी इन्हें ठेके देते वक़्त कई में लगभग वैसे ही तरीके अपनाए गए जो मोदी सरकार ने रफाल के मामले में रिलायंस डिफेंस को चुनते वक़्त अपनाया था. यही कांग्रेस की परेशानी बन सकता है.