पद्म पुरस्कारों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार तक पहुंचे नामांकनों में इस बार ख़ासी बढ़ोत्तरी हुई है. लगभग 40 फ़ीसदी तक. ख़बरों की मानें तो यह संख्या इस बार 50,000 के क़रीब पहुंच गई है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इस बार पद्म पुरस्कारों के लिए सरकार को 15 सितंबर 2018 तक 49,992 नामांकन मिले. जबकि 2017 में 35,595 और 2016 में 18,768 नामांकन मिले थे. वहीं 2010 में तो यह संख्या सिर्फ 1,313 थी. बताया जाता है कि इस बढ़ोत्तरी में सरकार की अहम भूमिका है. उसने 2016 में इन पुरस्कारों के लिए नामांकन भेजने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया था. ताकि इनका दायरा बढ़ाया जा सके और ज़्यादा से ज़्यादा से हस्तियों को सम्मानित किए जाने का मौका मिले.

इसके साथ ही आम लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया था कि वे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम कर रहे कम चर्चित लोगों का नाम इन पुरस्कारों के लिए भेजें. इसी पहल का यह नतीज़ा है. इस बार 2019 के पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया एक मई से शुरू हुई थी. इसमें नामांकन भेजने की आख़िरी तारीख़ 15 सितंबर थी. तय प्रक्रिया के तहत चयनित पुरस्कार विजेताओं के नाम का ऐलान अगले साल गणतंत्र दिवस के मौके पर किया जाएगा.