सुनने में भले थोड़ा अटपटा लगे लेकिन कुछ लोगों का दावा है कि भारत-वेस्टइंडीज़ के बीच चल रहे दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में भारतीय टीम के अब तक बेहतर प्रदर्शन के पीछे एक मंदिर की भी भूमिका है. यह मंदिर हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के भीतर बना है, जहां इस वक़्त दोनों टीमों के बीच मैच चल रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से बात करते हुए पुजारी हनुमंत शर्मा कहते हैं, ‘इस मंदिर का निर्माण 2011 में किया गया क्योंकि भारतीय टीम और आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) की तत्कालीन स्थानीय फ्रेंचाइजी- डेक्कन चार्जर्स इस मैदान पर मैच नहीं जीत रही थी. तब पाया गया कि यहां वास्तुदोष है. लिहाज़ा उसे दूर करने के लिए यहां भगवान गणेश का मंदिर बनवा दिया गया क्योंकि वे वास्तुशास्त्र के देवता हैं.’ फिर वे बताते हैं, ‘आप 2011 के बाद का रिकार्ड देख लें, भारतीय टीम यहां कभी नहीं हारी है.’

आंकड़े भी शर्मा की बात का कुछ हद तक समर्थन करते दिखते हैं. इनके अनुसार भारत ने इस मैदान पर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 2005 में खेला था. दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ इस एकदिवसीय मैच में भारत पांच विकेट से हार गया था. इसके बाद भारतीय टीम 2007 और 2009 में ऑस्ट्रेलिया से भी पराजित हो गई थी. फिर 14 अक्टूबर 2011 को कहानी उलट गई. भारतीय टीम से उस वक़्त यहां इंग्लैंड को हराया था. इसे बाद श्रीलंका को भी छह विकेट से पराजित किया.

आंकड़ों की ही मानें तो भारत ने यहां 2011 के बाद से तीन टेस्ट मैच खेले हैं और तीनों में बड़े अंतर से जीत दर्ज़ की है. और वर्तमान टेस्ट में वेस्टइंडीज की शुरूआत देखकर लगता है कि यह क्रम इस बार भी जारी रह सकता है. मैच के पहले ही दिन बल्लेबाज़ी करने उतरी वेस्ट इंडीज़ की टीम 223 रन पर छह विकेट गवां चुकी है.