सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह देश के सभी लोगों को शाकाहारी होने का आदेश पारित नहीं कर सकता. सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी मांस और चमड़े के निर्यात पर रोक लगाने की मांग करने वाली एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की. इस दौरान जस्टिस एमबी लोकुर की पीठ का यह भी कहना था, ‘क्या आप चाहते हैं कि देश के सभी लोग शाकाहारी हो जाएं? सभी लोग शाकाहारी हो जाएं, हम ऐसा आदेश पारित नहीं कर सकते.’ इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अगले साल फरवरी तक टाल दी है.

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से ठीक दो दिन पहले कई हिंदूवादी संगठन गुरुग्राम (गुड़गांव) में नवरात्रि के दौरान मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे. टाइम्स नाऊ के मुताबिक इन संगठनों ने नवरात्रि के दौरान मांस की दुकानें खोलने के खिलाफ धमकी दी है.