मशहूर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीतकार अन्नपूर्णा देवी का शनिवार को मुंबई में निधन हो गया. वे 91 वर्ष की थीं. खबरों के मुताबिक अन्नपूर्णा देवी काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं.

अन्नपूर्णा देवी का जन्म 1927 में मध्य प्रदेश के मैहर में हुआ था. वे हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में मैहर घराने की नींव रखने वाले उस्ताद अलाउद्दीन खान की बेटी और शिष्या थीं. उनका असली नाम रोशनआरा खान था. अन्नपूर्णा देवी सुरबहार वादक थीं. इसकी शिक्षा उन्हें अपने पिता और उस्ताद अलाउद्दीन से ही मिली थी. उस्ताद अलाउद्दीन खान ने अगर अली अकबर खान (सरोद और पंडित रविशंकर (सितार) जैसे विश्व विख्यात शिष्य तैयार किए तो अन्नपूर्णा देवी ने भी गुरु की हैसियत से पंडित हरिप्रसाद चौरसिया (बांसुरी) जैसे नामी कलाकारों की कला को निखारा. भारत रत्न से सम्मानित पंडित रविशंकर से अन्नपूर्णा देवी की पहली शादी हुई थी. हालांकि 21 साल बाद उनका तलाक हो गया. इसके बाद उन्होंने 1988 में मैनेजमेंट कंसलटेंट रुशिकुमार पांड्या से दूसरा विवाह किया. अन्नपूर्णा देवी को 1977 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था.