दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाए हैं कि दिल्ली सरकार द्वारा पराली जलाने का मुद्दा बार-बार उठाए जाने के बावजूद केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है, ‘हम केंद्र, हरियाणा और पंजाब सरकारों के साथ इस मामले को उठाते रहे हैं, फिर भी अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. किसान फिर से असहाय हो गए हैं. दिल्ली समेत पूरा क्षेत्र फिर से गैस चैंबर बन जाएगा. लोगों को फिर से सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ेगा. ये अपराध है.’

अरविंद केजरीवाल ने यह ट्वीट दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए किया. इमरान हुसैन ने अपने ट्वीट में कुछ फोटो शेयर करते हुए कहा कि दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाले रास्ते के किनारे भी पराली जलाई जा रही है. उन्होंने अपने ट्वीट में केंद्र के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की सरकार से उचित कदम उठाने की भी अपील की है.

पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने से दिल्ली में हवा की गुणवत्ता प्रभावित होने लगी है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में हवा की गुणवत्ता का सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) एक अक्टूबर को 148 पर था जो बीते बुधवार 10 अक्टूबर को 241 के पार चला गया. हरियाणा और पंजाब के किसानों द्वारा धान की पराली जलाए जाने से हर साल दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब होती है. इसके लिए केंद्र ने राज्य सरकारों को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. इसके बावजूद किसान लगातार पराली जला रहे हैं.