भारत और पाकिस्तान की संस्कृति की तुलना करते हुए कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक विवादित बयान दिया है. रिपब्लिक वर्ल्ड के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के कसौली में चल रहे लिटरेचर फेस्टिवल में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘अगर मैं तमिलनाडु जाता हूं तो एक-दो शब्दों को छोड़कर मुझे वहां की भाषा समझ नहीं आती. मुझे वहां का खाना भी पंसद नहीं आता. वहां की संस्कृति अलग है. जबकि अगर मैं पाकिस्तान जाता हूं तो वहां की भाषा यहां जैसी ही है. वहां सब कुछ अद्भुत है.’

इसी बीच अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान वहां के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ गले लगने का बचाव करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने आगे कहा, ‘मेरा जनरल बाजवा के गले लगना गलत नहीं था. यह कोई साजिश नहीं थी, यह कोई रफाल सौदा नहीं था. तब जनरल बाजवा ने मुझ से कहा कि वे करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने पर विचार कर रहे हैं, उनकी इस बात पर मैं स्नेहवश उनके गले लगा था. अगर वे 400 बार कहेंगे कि वे कॉरिडोर खोलने के लिए तैयार हैं तो मैं इसी तरह अपना स्नेह दिखाऊंगा और उन्हें चूमूंगा.

उधर, सिद्धू के इस बयान की आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा है कि ‘विवादित बयानों के जरिये नवजोत सिंह सिद्धू को सुर्खियों में बने रहने की आदत लग गई है.’ भारत को सांस्कृतिक विविधता का देश बताते हुए नलिन कोहली ने आगे कहा, ‘सिद्धू द्वारा दक्षिण भारत या भारत के किसी भी प्रांत की पाकिस्तान के साथ तुलना करना शर्मनाक है. उनका यह बयान करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को आहत करने वाला है.’

इसी साल अगस्त के महीने में नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. उस दौरान वे वहां के सेना प्रमुख के गले लगे थे. तब भाजपा समेत कई अन्य राजनीति दलों ने इसकी कड़ी निंदा की थी. यहां तक कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से भी सिद्धू को इस बात को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.