बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक जनसभा को संबोधित किया है. एनडीटीवी खबर के मुताबिक यहां मायावती ने कहा है, ‘मैं अजीत जोगी जी को विश्वास दिलाना चाहती हूं कि जो सम्मान आपको कांग्रेस पार्टी से नहीं मिला वह बसपा के साथ मिलेगा.’

मायावती ने छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी

भाजपा पर निशाना साधते हुए मायावती ने आगे कहा, ‘इन दिनों राम मंदिर के निर्माण का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ रहा है. भाजपा को राम मंदिर का ख्याल उसी वक्त आता है जब देश में चुनाव होने वाले होते हैं. लेकिन भाजपा चाहे कितने ही राम मंदिरों का निर्माण क्यों न कर ले इस बार उसे इसका कोई राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है.’

भाजपा और कांग्रेस को एक सिक्के के ही दो पहलू बताते हुए मायावती ने यह भी कहा, ‘शासन चाहे भाजपा का हो या कांग्रेस का अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ के दलितों, किसानों और पिछड़े वर्ग की अनदेखी हुई है. यह वह वर्ग है जो आज भी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से दूर है जिसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा जिम्मेदार हैं.’

बसपा सुप्रीमो के साथ इस जनसभा में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रमुख अजीत जोगी भी मौजूद थे. अगले महीने होने वाले छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बसपा एक साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. हालांकि कुछ समय पहले तक माना जा रहा था कि छत्तीसगढ़ के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश में बसपा कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हुए चुनावी मैदान में उतरेगी.

उधर, छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है. कांग्रेस की छत्तीसगढ़ इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष व पार्टी के कद्दावर आदिवासी नेता रामदयाल उइके भाजपा में शामिल हो गए हैं. उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई. आदिवासी मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले रामदयाल उइके की इस बार भी पाली तानाखार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है.