राजस्थान की राजधानी जयपुर में जीका वायरस के 13 और नए मामले सामने आने के बाद इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 55 हो गयी है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को इस बारे में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह नया आंकड़ा जारी किया है. इस बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा व स्वास्थ्य) वीनू गुप्ता ने की.

पीटीआई के मुताबिक इस बैठक में जीका संक्रमण के मामले सामने आने के बाद हालात पर काबू पाने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई है. विभागीय अधिकारियों ने जानकारी दी है कि कुल 55 रोगियों में से अब तक 38 लोग इलाज के बाद पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं.

जयपुर में जीका वायरस संक्रमण के ज्यादातर मामले शास्त्री नगर इलाके में सामने आए हैं और फिलहाल यहां फॉगिंग एवं अन्य एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने आज एक परामर्श भी जारी किया जिसमें इलाके से बाहर गई तीन माह की गर्भवती महिलाओं से कहा गया है कि वे फिलहाल बाहर ही रहें.

एडिज मच्छरों से फैलने वाले जीका को गर्भपात, गर्भ में ही शिशु की मृत्यु और माइक्रोसिफेली के लिए जिम्मेदार माना जाता है. यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शिशुओं के मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है और उनका सिर छोटा रह जाता है. इसके अलावा यह वायरस एक विशेष प्रकार के लकवे की वजह भी बन सकता है. इसमें शरीर के अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर देते हैं.