कुंभ मेले और जेल का आपस में क्या ताल्लुक हो सकता है? लेकिन, उत्तर प्रदेश की जेलों में अगले साल होने वाले इलाहाबाद कुंभ मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. पीटीआई के मुताबिक जेल में कैदियों द्वारा बनाए गए सामान की इस मेले में जमकर बिक्री होती है जिस वजह से राज्य की जेलों में अभी से इस सामान का स्टॉक जमा करना शुरू दिया गया है.

नैनी केंद्रीय कारागार के डीआईजी बीआर वर्मा ने इस बारे में न्यूज़ एजेंसी को बताया, ‘अकेले नैनी जेल से 38 तरह के सामान कुंभ मेले में बिक्री के लिए ले जाए जाएंगे. पिछले कुंभ मेले में आगरा जेल का पेठा लोगों को खासा पसंद आया और करीब छह क्विंटल पेठा की बिक्री हुई थी, जबकि मांग इससे भी अधिक थी.’ वर्मा आगे कहते हैं, ‘इस बार कुंभ मेले में आगरा जेल से पेठा, बेल्ट, जूते आदि मंगाए गए हैं, आजमगढ़ जेल से खिलौने, सीतापुर जेल से दरी और फतेहगढ़ जेल से गार्डेन अंब्रेला मंगाया गया है.’ उनके मुताबिक वाराणसी जेल के कैदियों द्वारा तैयार पीतल का घंटा, लोटा, थाली और गिलास की भी मेले में भारी मांग रहती है.

अधिकारियों के मुताबिक कुंभ मेले में जेल में बने सामानों की मांग की एक बड़ी वजह यह होती है कि इनकी गुणवत्ता ठीक होती है और दाम बाजार मूल्य से अपेक्षाकृत कम होते हैं. कैदियों में सकारात्मक सुधार के लिए जेलों में उन्हें कई तरह के कामों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है. नैनी जेल में ही कंबल फैक्ट्री, सिलाई और काष्ठ कला जैसे उद्योगों में करीब 1200 कैदी काम करते हैं.