केरल हाई कोर्ट ने नन बलात्कार मामले में आरोपित जालंधर के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल को सशर्त जमानत दे दी है. हाई कोर्ट ने उन्हे यह कहते हुए जमानत दी है कि पुलिस जांच खत्म होने तक उन्हें केरल में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी और उन्हें अपना पासपोर्ट भी अदालत में जमा करना होगा. इससे पहले निचली अदालत ने फ्रैंको मुलक्कल की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 20 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. इस फैसले को उन्होंने हाई कोर्ट में चुनौती थी.

फ्रैंको मुलक्कल पर इसी साल जून में एक नन ने बलात्कार के आरोप लगाए थे. नन के मुताबिक मुलक्कल ने बीते दो सालों में उसके साथ 13 बार बलात्कार किया था. नन का यह भी दावा है कि उसने इस मामले में पहले चर्च के ही अधिकारियों से शिकायत की थी लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं कि और इसके बाद उसने फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

फ्रैंको मुलक्कल अपने ऊपर लगे आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं. उनका दावा है कि उन्होंने नन के खिलाफ कार्रवाई की थी और इसी का बदला लेने के लिए उन पर बलात्कार का आरोप लगाया गया है. इससे पहले पोप फ्रांसिस ने फ्रैंको मुलक्कल को उनके पद से हटा दिया था.