भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने रफाल विमान सौदे को लेकर अपनी ही पार्टी की सरकार की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह सवाल पूछा जा रहा है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) जैसी अनुभवी कंपनी को अलग क्यों रखा गया और रफाल सौदे के लिए एक नई कंपनी (रिलायंस डिफेंस) को ठेका क्यों मिला.

पीटीआई के मुताबिक शत्रुघ्न सिन्हा ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के तावली गांव में आयोजित एक किसान पंचायत कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी मीडिया संस्थान मीडिया पार्ट ने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के हवाले से खबर दी थी कि भारत सरकार ने इस सौदे के लिए दसॉ एविएशन के सहयोगी के तौर पर रिलायंस डिफेंस का नाम प्रस्तावित किया था. इसके साथ ही भाजपा के असंतुष्ट सांसद ने सभी विपक्षी नेताओं से अपील की कि वे 2019 के आम चुनाव में भाजपा को हराने के लिए एकजुट हों.

इससे पहले खबर आई थी कि अगले लोकसभा चुनाव में शत्रुघ्न सिन्हा समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर वाराणसी से चुनाव लड़ सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से ही सांसद हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक अगर सपा ने शत्रुघ्न को वाराणसी से टिकट दिया तो प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका मुकाबला रोचक हो सकता है. क्योंकि शत्रुघ्न भाजपा में रहते हुए लगातार प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना करते रहे हैं.