केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दाखिल किया है. पीटीआई के मुताबिक अपने ऊपर लगे यौन आरोपों के खिलाफ आज वे दिल्ली की एक अदालत पहुंचे और केस दर्ज कराया. बता दें कि प्रिया रमानी समेत कई महिला पत्रकारों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

इससे पहले रविवार को एमजे अकबर ने महिला पत्रकारों के आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा था. इस मामले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने सभी आरोपों का खंडन किया. एमजे अकबर ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके ऊपर लगे आरोप गलत, मनगढ़ंत और आधारहीन हैं और इससे उनकी छवि को अपूर्णीय क्षति हुई है. केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री का कहना था, ‘बिना साक्ष्य आरोप लगाना कुछ वर्गों के लिए एक वायरल बुखार बन गया है. जो कुछ भी मामला है, अब मैं लौट आया हूं, मेरे वकील इन सभी आधानहीन आरोपों को देखते हुए आगे की कार्रवाई करेंगे.’ इसके साथ ही अकबर ने आरोपों को राजनीतिक षड्यंत्र करार देते हुए यह सवाल भी किया कि उन पर ये आरोप लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही क्यों लगाए गए हैं.

उधर, इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाली महिलाओं में से पांच ने अपने दावों पर कायम रहने की बात कही है. अखबार के मुताबिक आरोप लगाने वाली दो पत्रकारों ने अकबर की प्रतिक्रिया पर नाराजगी भी जाहिर की है. इनमें से एक द एशियन एज अखबार की रेजीडेंट एडिटर सुपर्णा शर्मा ने कहा, ‘मैं अपनी बात पर कायम हूं और अकबर के प्रतिक्रिया से निराश हूं, लेकिन हैरान नहीं हूं. यह एक लंबी लड़ाई होगी और अब हम कानूनी कदम उठाएंगे.’