कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सफाई दी है कि अयोध्या के राम​ जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद लेकर रविवार को दिए गए उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया है. स्क्रोल.इन के मुताबिक रविवार को चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था, ‘बहुत से हिंदू इसलिए अयोध्या में मंदिर चाहते हैं क्योंकि वहां पर राम का जन्म हुआ था. लेकिन एक अच्छा हिंदू नहीं चाहेगा कि ऐसी जगह पर मंदिर बने जहां किसी और के धार्मिक स्थल को गिराया गया हो.’

इस बयान को लेकर भाजपा ने तुरंत शशि थरूर और कांग्रेस पर निशाना साधा था. इस पर भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन की प्रतिक्रिया थी, ‘क्या शशि थरूर उस मंदिर को अयोध्या से हटाने की बात कर रहे हैं जहां एक तंबू में हर रोज रामलला की पूजा की जा रही है... ऐसी मांग आज तक किसी ने नहीं की है.’ उधर केंद्रीय मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने उनके इस बयान को चकित करने वाला बताते हुए कहा था, ‘असली हिंदुओं का अयोध्या में राम मंदिर की चाह न रखना शशि थरूर या फिर राहुल गांधी का विचार हो सकता है, लेकिन यह आम लोगों का विचार नहीं हो सकता.’

शशि थरूर ने अपने बयान पर विवाद के लिए मीडिया पर आरोप लगाते हुए एक ट्वीट भी किया है और इसमें उन्होंने कहा है, ‘मुझसे एक साहित्य महोत्सव में इस मसले पर मेरी राय मांगी गई थी और वह मैंने दी. मैं अपनी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हूं और मैंने यह दावा भी नहीं किया था कि मैं पार्टी की तरफ से बोल रहा हूं.’