केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने उनके ऊपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज करा दिया है. यह खबर आज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है और ट्विटर पर प्रिया रमानी ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल हुई हैं. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक अकबर ने जिस कानूनी फर्म की तरफ से यह केस दर्ज कराया है, उसके पास 97 दिग्गज वकील हैं. सोशल मीडिया पर कई लोगों इस जानकारी को इस तरह से पेश करते हुए अकबर की आलोचना की है कि उनके पक्ष में 97 वकील केस लड़ेंगे.

यहां एक बड़े तबके ने प्रिया रमानी के साथ एकजुटता दिखाते हुए प्रतिक्रियाएं दर्ज की हैं. वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त का ट्वीट है, ‘मैं प्रिया रमानी और उन सभी महिलाओं के साथ हूं जिन्होंने एमजे अकबर द्वारा किए गए अपने शोषण को बयान किया है. उम्मीद करती हूं कि यह लड़ाई मानहानि के केस में बचाव से आगे जाएगी...’

इस मामले को लेकर एमजे अकबर ने अपने बचाव में यह दलील भी दी है कि 2019 के आम चुनाव के मद्देनजर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. फेसबुक और ट्विटर पर कई लोगों ने इस हवाले से भी केंद्रीय मंत्री पर सवाल उठाए हैं. वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी की फेसबुक पोस्ट है, ‘आहत और शिकायतज़दा औरतों को मुक़दमे से डराने-धमकाने निकले एमजे अकबर को चुनावी एजेंडा लगती है मी-टू की मुहिम… सैकड़ों महिलाएं - जिनमें कम से कम 12 ने ख़ुद को अकेले अकबर से पीड़ित बताया है - क्या महज़ एक चुनाव लड़ने के लिए अपनी पीड़ा की आपबीती, और दुनिया के सामने अपना नाम, दांव पर लगाएंगी?’

सोशल मीडिया में इस खबर पर आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

कार्तिक | @beastoftraal

प्रिया रमानी + भारत के लोग बनाम एमजे अकबर + 97 वकील + भारत सरकार.

सतीश आचार्य | @satishacharya

कमलजीत संधू | @kamaljitsandhu

एमजे अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज करवाया है. यानी अब ‘मी टू’ अभियान की असली परीक्षा होगी.
दर्शन मोंडकर | facebook

एमजे अकबर का इस्तीफा देने के बजाय आरोप लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना भाजपा के नारे ‘बेटी बचाओ’ का ‘बेटी : बचाओ-बचाओ’ तक पहुंचने जैसा है.

निकिता यागनिक | @Yagnik5261

सरकार बीरबल चला रहे हैं, तो फिर अकबर को क्या चिंता!