मध्य प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राज्य विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर कहा है कि उनके प्रचार करने से पार्टी का नुकसान होता है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मेरे प्रचार करने से कांग्रेस को वोटों का नुकसान होता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘पार्टी की तरफ से जिसको भी टिकट मिले, चाहे वह दुश्मन ही क्यों न हो, उसे जिताओ. इस चुनाव में मेरा सिर्फ एक काम है - ​कोई प्रचार नहीं, कोई भाषण नहीं. मेरे भाषण देने से कांग्रेस के वोट कट जाते हैं इसलिए मैं कहीं जाता ही नहीं हूं.’

बताया जाता है कि मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में दिग्विजय सिंह को पहले जैसी तवज्जो नहीं मिल रही है. बीते दिनों कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भोपाल में हुए रोड शो और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के दशहरा मैदान में हुई रैली के दौरान रैली स्थल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के कटआउट लगाए गए थे लेकिन इनमें दिग्विजय सिंह का कटआउट नदारद था. हालांकि तब इस चूक के लिए कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह से माफी भी मांगी थी. ऐसा माना जा रहा है कि दिग्विजय सिंह का ताजा बयान उसी नाराजगी का नतीजा है. वहीं इस बयान पर कमलनाथ का कहना है, ‘मुझे नहीं पता दिग्विजय सिंह ने किस संदर्भ में यह बयान दिया है.’

इसके अलावा बीते महीने तक मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात थी लेकिन इसी महीने की शुरुआत में बसपा सुप्रीमो मायावती ने मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. साथ ही मध्य प्रदेश विधान चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन न होने के लिए उन्होंने दिग्विजय सिंह को ही जिम्मेदार ठहराया था.