राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को दिल्ली सरकार पर 50 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना आवासीय कॉलोनी से संचालित स्टील पिकलिंग इकाइयों पर कार्रवाई न करने के कारण लगाया गया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. साथ ही, प्राधिकरण ने सरकार को ऐसी सभी इकाइयों को जल्द से जल्द बंद कराने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले जनवरी-2018 में दिल्ली सरकार ने एनजीटी को बताया था कि मास्टर प्लान- 2021 के तहत स्टील पिकलिंग इकाइयां प्रतिबंधित औद्योगिक गतिविधियों की सूची में आती हैं. साथ ही, इन्हें आवासीय क्षेत्रों में संचालित नहीं किया जा सकता.

‘मी टू’ पर प्रस्तावित जांच समिति को लेकर सरकार में एकमत नहीं

केंद्र सरकार ‘मी टू’ मामलों को लेकर आने वाली शिकायतों की जांच करने के लिए प्रस्तावित समिति का गठन अब तक नहीं कर पाई है. इससे पहले बीती 12 अक्टूबर को केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने इसका ऐलान किया था. राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर के मुताबिक मंत्रालय के अधिकारियों ने इसके लिए प्रक्रिया शूरू होने की जानकारी दी है. हालांकि यह पूरी कब होगी, इस पर स्थिति साफ नहीं है. बताया जाता है कि विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के मामलों को देखते हुए इस तरह की जांच समिति गठित करने को लेकर सरकार में एकमत नहीं है. साथ ही, सरकार में एक बड़ा तबका इसे गैर-जरूरी भी मान रहा है.

केंद्र सरकार ने तेल की कीमत तय करने में दखल देने से इंकार किया

केंद्र सरकार ने तेल की कीमत तय करने में दखल देने से साफ इंकार किया है. जनसत्ता के पहले पन्ने पर प्रकाशित खबर के मुताबिक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नियंत्रणमुक्त किए जा चुके हैं. इस व्यवस्था में तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय मूल्यों के हिसाब से पेट्रोलियम पदार्थों के दाम तय करती है.’ हालांकि, इससे पहले केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में डेढ़ रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी. साथ ही, तेल कंपनियों से भी एक रुपए प्रति लीटर कीमत कम करने को कहा था.

एएमयू प्रशासन ने राजद्रोह के आरोपित दो कश्मीरी छात्रों का निलंबन वापस लिया

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) प्रशासन ने राजद्रोह के आरोपित दो कश्मीरी छात्रों का निलंबन वापस ले लिया है. साथ ही, चार अन्य छात्रों को जारी कारण बताओ नोटिस भी रद्द कर दिया गया. अमर उजाला में छपी खबर की मानें तो एएमयू प्रशासन ने यह कदम फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उठाया है. बताया जाता है कि इस समिति को आरोपित छात्रों के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं. उधर, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से इस बारे में बातचीत की है. उन्होंने जावड़ेकर से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि एएमयू में कश्मीरी छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो पाए.

एक रुपए के बकाये के लिए 85 रुपए खर्च कर नोटिस जारी

फंसे हुए कर्ज (एनपीए) से जूझ रहे सरकारी बैंक आईडीबीआई ने एक ग्राहक को 85 रुपए खर्च कर एक रुपए की वसूली का नोटिस भेजा है. हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ने ग्राहक को इसका भुगतान आरटीजीएस, एनईएफटी या चेक से करने को कहा है. अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर ग्राहक ने अखबार को बताया कि उनका लोन अकाउंट है, जिसकी हर महीने किस्त जा रही है. ऐसे में उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि एक रुपया का भुगतान कैसे नहीं हुआ. साथ ही, उन्होंने आगे कहा, ‘अगर बकाया रह भी गया तो बैंक अगली किस्त में जोड़कर उसकी वसूली कर सकता है. यह नोटिस भेजने का क्या मतलब है?’ उधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के पूर्व निदेशक विपिन मलिक ने इस मामले को बैंक की मजबूरी बताया है. उनका कहना है कि जब तक पूरी रकम वसूल न जाए वो खाता बैंक के ऊपर भार रहता है.