यूआईडीएआई (यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने डिजिटल पेमेंट कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द अपनी सभी आधार आधारित सेवाएं बंद कर दें. इन्हें बंद करने की पुष्टि करने वाली लिखती सूचना तो दें ही साथ में यह भी बताएं कि वे कैसे अपने आप को आधार के नेटवर्क से बाहर कर रही हैं.

ख़बरों के मुताबिक यूआईडीएआई ने ये निर्देश ख़ास तौर पर उन भुगतान कंपनियों के दिए हैं, जिनके पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं हैं. और इन निर्देशों की वज़ह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, जिसमें आधार या उस पर आधारित सेवाओं के इस्तेमाल से निजी कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया गया था. शीर्ष अदालत ने इस बाबत 26 सितंबर को फैसला सुनाया था. बताया जाता है कि इसके बाद यूआईडीएआई ने 12 अक्टूबर को कई निजी डिजिटल भुगतान कंपनियों को निर्देश जारी किया है.

जिन कंपनियों तक ये निर्देश पहुंचे हैं उनमें पेप्वाइंट, इको इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज़, ऑक्सीजन सर्विसेज़ आदि प्रमुख हैं. हालांकि देश की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान कंपनी- पेटीएम तक अभी यह नोटिस नहीं पहुंचा है क्योंकि उसने बैंकिंग लाइसेंस हासिल कर रखा है. इस संबंध में द इकॉनॉमिक टाइम्स ने अब यूआईडीएआई से संपर्क करने की कोशिश की तो उसकी ओर से काेई प्रतिक्रिया नहीं मिली. पर कई जानकारों का मानना है कि इससे डिजिटल लेन-देन की प्रक्रिया प्रभावित होना तय है.