अभिनेत्री नीना गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की जिंदगी में पुरुष कभी प्राथमिकता नहीं होने चाहिए. सोशल मीडिया पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ चल रहे अभियान ‘मी टू’ पर उन्होंने कहा कि इस अभियान से भारत में हालात कुछ हद तक बदलेंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा से बातचीत करते हुए नीना ने कहा, ‘महिलाओं की परवरिश ही कुछ ऐसी होती है कि उन्हें अपने रिश्तों को निजी लक्ष्यों से ऊपर रखना पड़ता है. मैं हमेशा अच्छा काम करना चाहती थी और दमदार भूमिकाएं निभाना चाहती थी. लेकिन अब जब मैं पीछे मुड़कर देखती हूं तो मुझे लगता है कि पुरुष मेरी प्राथमिकता बन गए थे और यह मेरी बड़ी गलती थी.’ उन्होंने आगे कहा, ‘मी टू ने पूरे फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया है. लेकिन दुख की बात है कि ऐसी घटनाओं को साबित करना बहुत मुश्किल है. कॉलेज, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के दिनों में मुझे ऐसी कई घटनाओं का सामना करना पड़ा. मैं नहीं समझ पाती कि अगर कोई शख्स मुझे पकड़ रहा है या गलत तरीके से छू रहा है तो उसका सबूत कैसे दूं. हम यही कर सकते हैं कि या तो इसके आदी हो जाएं या इससे बचने के भरसक प्रयास करें.’

हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘मी टू’ मुहिम कुछ हद तक बदलाव जरूर लाएगी. 64 वर्षीय नीना गुप्ता टीवी और फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री रही हैं. वे खानदान’, ‘भारत एक खोज’, ‘सांस’ जैसे टीवी शो और ‘वो छोकरी’, ‘गांधी’ एवं ‘मुहाफिज’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं. 19 अक्टूबर को रिलीज हो रही फिल्म ‘बधाई हो’ में भी उन्होंने महत्वपूर्ण किरदार निभाया है.