सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए पूर्व पत्रकार एमजे अकबर ने बुधवार को केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. यह खबर आज सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है और इसके चलते ट्विटर पर MJAkbarResigns ट्रेडिंग टॉपिक में शामिल हुआ है. यहां एक बड़े तबके ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई है. अकबर ने उनके ऊपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को मानहानि का केस दर्ज करवाया था. प्रिया ने उनके इस्तीफे की खबर पर ट्वीट किया है, ‘बतौर महिला हमें लगता है कि अकबर के इस्तीफे से हमारे आरोप सही साबित हुए हैं. अब हमें उस दिन का इंतज़ार है, जब हमें अदालत में न्याय मिलेगा.’

चूंकि आज दुर्गाष्टमी है तो कई यूजर्स ने इस त्योहार को अकबर के इस्तीफे से जोड़कर यहां टिप्पणियां की हैं. यौन-उत्पीड़न के आरोपित एक मंत्री का इस्तीफा लेने में इतनी देर करने पर यहां मोदी सरकार को तरह-तरह से घेरा भी गया है. कार्टूनिस्ट मंजुल का एक तीखा ट्वीट है, ‘सरकार ने सौ जूते भी खाए और सौ प्याज भी.’

सोशल मीडिया पर कुछ भाजपा समर्थकों ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय के दखल के बाद अकबर का इस्तीफा हुआ है. यह इस बात पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं. पत्रकार कादंबनी शर्मा का ट्वीट है, ‘प्रधानमंत्री कार्यालय ने नहीं, आने वाले चुनावों ने दखल दिया है.’

एमजे अकबर के इस्तीफे पर सोशल मीडिया में आई कुछ और प्रतिक्रियाएं :

मनु पंवार | @manupanwar

पहले अकबर का दिया ‘इलाहाबाद’ का नाम बदला गया और अब अकबर की भी छुट्टी हो गई. इस तरह ‘इतिहास’ से ‘जिल्लेइलाही’ का नामोनिशान मिटा दिया गया है.

मंजुल | @MANJULtoons

एमजे अकबर का इस्तीफा :

इरफान हबीब | @irfhabib

एमजे अकबर को सिर्फ इसलिए इस्तीफा देना पड़ा क्योंकि मुकदमे की धमकी के बावजूद वह बहादुर महिला (प्रिया रमानी) अपने आरोप से डिगी नहीं. किसी और को इसका श्रेय नहीं दिया जा सकता.

हर्ष भोगले | @bhogleharsha

एमजे अकबर को इस्तीफा देना पड़ा. अतीत के बुरे कर्मों की लहर इतनी तेज थी जिसके खिलाफ तैरना मुमकिन नहीं हो पाया.

द मॉन्क...| @PuntiNational

भाजपा यह जताने की कोशिश कर रही है कि मोदी जी एमजे अकबर के इस्तीफे के पीछे हैं. यह सही है... वे कुछ नहीं कर रहे थे बस अकबर के पीछे खड़े थे.

योगेंद्र यादव | @_YogendraYadav

मनुष्य के गाल पर एक हल्की सी चपत और मानवता के लिए एक लंबी छलांग! मी टू अभियान में शामिल हुई उन बहादुर महिलाओं को सलाम जो उन्हें शिकार बनाने वाले के खिलाफ खड़ी रहीं.