नोबेल पुरस्कार से सम्मानित बाल अधिकार कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कामों की प्रशंसा की है. गुरूवार को नागपुर में आरएसएस के 93वें स्थापना दिवस और वार्षिक विजयादशमी समारोह के मौके पर सत्यार्थी ने कहा कि देश के लगभग हर गांव में मौजूद आरएसएस की शाखाएं बच्चों, खास तौर पर लड़कियों की हिफाजत के लिए सुरक्षा ढाल के रूप में काम कर सकती हैं.

पीटीआई के मुताबिक बतौर मुख्यअतिथि आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल हुए कैलाश सत्यार्थी का कहना था कि आजकल महिलाएं घर, कार्यस्थल, मोहल्ला और सार्वजनिक स्थानों पर डर और दहशत में हैं. इस माहौल में लड़कियों ने घर से निकलना बंद कर दिया है. उनके मुताबिक इस समय एक महान और बाल हितैषी राष्ट्र बनाने के लिए देश को ईमानदार युवा नेतृत्व और भागीदारी की जरूरत है. कैलाश सत्यार्थी ने आगे कहा, ‘मैं आरएसएस के युवाओं से हमारी मातृभूमि के वर्तमान और भविष्य को बचाने के लिए इस पथ पर नेतृत्व संभालने का अनुरोध करता हूं.’

आरएसएस द्वारा अपने सालाना विजयदशमी समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए जाने पर कैलाश सत्यार्थी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को धन्यवाद भी दिया. उनका कहना था, ‘आपने मुझे अपने स्थापना दिवस पर यहां आमंत्रित करके भारत के ही नहीं, बल्कि विश्व के करोड़ों वंचित और शोषित बच्चों की तरफ सम्मान, प्रेम और करुणा का हाथ बढ़ाया है. मैं उन सब बच्चों की तरफ से आपका ह्रदय से आभारी हूं.’