आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहा​दुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन आवैसी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को देश की बहुलतावादी संस्कृति के बजाय अधिनायकवाद में विश्वास रखने वाला बताया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक असदुद्दीन ओवैसी ने यह बात संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा केंद्र सरकार की तरफ से कानून लाकर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किए जाने के बयान पर पलटवार करते हुए कही है.

असदुद्दीन आवैसी ने कहा है, ‘सुप्रीम कोर्ट स्पष्ट तौर पर कह चुका है कि सरकार किसी धर्म को लेकर कोई खास कानून नहीं बना सकती. इसके बावजूद अगर राम मंदिर के निर्माण के लिए भाजपा कानून बनाना चाहती है तो फिर वह कानून बनाए! उन्हें किसने रोका है? लेकिन उसका ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करना होगा.’

इससे पहले गुरुवार को ही मोहन भागवत ने केंद्र सरकार से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में कानून पारित करने का आग्रह किया था. इसके साथ ही देश में समाजिक सद्भाव आपसी एकता के लिए राम मंदिर के निर्माण को आवश्यक बताते हुए उन्होंने यह भी कहा था, ‘राम जन्मभूमि स्थल पर वर्षों पहले से मंदिर होने के तमाम प्रमाण मौजूद हैं. इसके बावजूद अब तक वहां मंदिर निर्माण के लिए ज़मीन का आवंटन नहीं हो पाया है.’ मोहन भागवत ने यह भी कहा था कि कुछ लोग जान-बूझकर इस मामले को लटकाए रखना चाहते हैं जो किसी के हित में नहीं है.