देशभर के लगभग 8,000 स्कूलों को सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल) की मान्यता मिलने वाली है. ख़बरों के मुताबिक इनमें से कई तो ऐसे हैं जिनके मान्यता संबंधी आवेदन 2007 से लटके हुए थे.

बताया जाता है कि केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता देने के नियमों को सरल बनाने के बाद यह स्थिति बनी है. अभी गुरुवार को ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इन बदले नियमों की जानकारी दी थी. इसमें उन्होंने बताया था कि अब स्कूलों को सीबीएसई की मान्यता के लिए सिर्फ दो दस्तावेज़ ही लगाना होंगे. साथ में यह भी अनिवार्य कर दिया गया है कि अगर किसी संस्थान ने मान्यता के लिए आवेदन किया है तो उसका निपटारा उसी साल किया जाए.

जावड़ेकर ने बताया कि अब मान्यता संबंधी प्रक्रिया ऐसी कर दी गई है जिसमें मुश्किल कम से कम हो और नतीज़े ज़्यादा निकलें. यह बंदोबस्त भी किया गया है कि स्कूलों में जिन-जिन इंतज़ामों का परीक्षण मान्यता देते समय राज्यों के प्रशासन द्वारा किया जा चुका है उन्हीं को देखने के लिए फिर सीबीएसई की टीम उन संस्थानों का दौरा न करे. इससे मान्यता देने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है.