आम तौर डीजल और पेट्रोल के बीच कीमतों का बड़ा अंतर रहता है. इसमें अक्सर डीजल सस्ता और पेट्रोल महंगा होता है. मगर देश में पहली बार इसी रविवार को इसका उल्टा मामला सामने आया, जब ओडिशा में पेट्रोल सस्ता और डीजल महंगा हो गया. इसके बाद केंद्र में सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी और राज्य में सत्ता की बागडोर संभाल रही बीजेडी (बीजू जनता दल) के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हैं.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक यह वाक़या ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में हुआ है. यहां इसी रविवार को डीजल की कीमतें 80.78 रुपए प्रति लीटर थीं. वहीं पेट्रोल 80.65 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बिका है. इससे पहले शनिवार को भी यही स्थिति थी. तब डीजल 80.97 और पेट्रोल 80.90 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बिका था. उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव संजय लाठ के मुताबिक, ‘ओडिशा में पेट्रोल की तुलना में डीजल इसलिए महंगा हुआ क्योंकि यहां दोनों पर वैट (मूल्य वर्धित कर) एक समान रूप से 26 प्रतिशत लिया जा रहा है. जबकि अन्य राज्यों में वैट डीजल पर कम और पेट्रोल पर ज़्यादा रखा जाता है.’

इस पर राज्य के वित्त मंत्री शशिभूषण बेहरा ने कहा, ‘केंद्र सरकार का या तो तेल कंपनियों पर अब कोई नियंत्रण नहीं रहा या फिर वह उनके साथ साठगांठ कर जानबूझकर ऐसी स्थितियां पैदा कर रही है.’ इसके ज़वाब में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ‘आेडिशा की सरकार को उसके ही कुछ अधिकारी गुमराह कर रहे हैं. उसे तुरंत कम से कम डीजल पर वैट कम करना ही चाहिए.’