अभिनेत्री कल्कि केकला ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न के खिलाफ चल रहे ‘मी टू’ अभियान का समर्थन किया है. पीटीआई के मुताबिक, कल्कि ने कहा कि इस अभियान के कुछ गलत प्रभाव भी होंगे, लेकिन कार्यस्थलों पर बेहतर माहौल बनाने के लिए यह मुहिम जरूरी है.

कल्कि ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘इस मुहिम के कई गलत प्रभाव भी होंगे. मेरी एक फिल्म ‘एमएएमआई’ (मामी) में नहीं जा पाई और एक रुकी हुई है, पर यह ऐसी चीजें हैं जिन्हें हमें स्वीकारना होगा. यह मुहिम वर्तमान समय के लिए आवश्यक है. चीजों को बदलकर उन्हें ठीक करने की जरूरत है. अगर इससे हम अधिक संवेदनशील बनते हैं तो यह अच्छा है.’ हालांकि, कल्कि ने ‘मी टू’ से जुड़े किसी भी मामले पर टिप्पणी से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं किसी अन्य व्यक्ति पर टिप्पणी कर सकती हूं. मुझे किसी मामले की पूरी जानकारी भी नहीं है.’

कल्कि जल्द ही ‘इरोज नाउ’ की वेब सीरीज ‘स्मोक’ में नजर आएंगी. कुल 11 एपीसोड की इस सीरीज का प्रसारण 26 अक्टूबर से होगा. इसी सिलसिले में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ‘मी टू’ पर भी अपनी राय जाहिर की. नाना पाटेकर, आलोक नाथ, साजिद खान, विकास बहल और मुकेश छाबड़ा जैसे बॉलीवुड के बड़े नाम ‘मी टू’ के तहत निशाने पर आ चुके हैं. कई महिला निर्देशकों ने अारोपितों पर दोष सिद्ध होने पर उनके साथ काम न करने का फैसला लिया है.