नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार का कहना है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘प्रभावशाली’ ढंग से काम नहीं कर पा रही है. एनडीटीवी के मुताबिक मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा होता तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में सर्वोच्च स्तर पर रिश्वतखोरी के आरोप नहीं लगते. शरद पवार के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जल्दी से इस मामले को सुलझाना चाहिए.

इससे पहले सीबीआई ने अपनी ही संस्था के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना पर रिश्वत लेने के आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसके बाद राकेश अस्थाना ने अपने खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई से बचने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. इसी मामले में सीबीआई में डीएसपी स्तर के एक अन्य अधिकारी देवेंद्र कुमार ने भी अपनी गिरफ्तारी को हाई कोर्ट में चुनौती दी है.

उधर, शरद पवार ने यह भी कहा है कि मोदी सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर पाने में नाकामयाब रही है. उनके मुताबिक, ‘साल 2014 में चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने जो वादे किए थे वे चार साल के शासनकाल में हकीकत के धरातल पर दिखाई नहीं देते.’ इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार को कहीं बेहतर बताते हुए एनसीपी अध्यक्ष ने यह भी कहा, ‘मनमोहन सिंह के इरादे बेहतर थे और उनके शासन में लोगों को आज के जैसी परिस्थितियों का सामना भी नहीं करना पड़ा था.’

इसके साथ ही मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए शरद पवार ने यह भी कहा कि 2019 में होने वाले आम चुनाव में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिलेगा और केंद्र में सत्ता परिवर्तन भी देखने को मिलेगा. उनके मुताबिक भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए महागठबंधन के बजाय कांग्रेस को हर राज्य में वहां के क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर अलग-अलग गठबंधन करके चुनाव लड़ना चाहिए. ऐसा होने से भाजपा को वोटों का नुकसान होगा और भाजपा विरोधी दलों की जीत होगी. शरद पवार का यह भी कहना है कि नरेंद्र मोदी भाजपा के सबसे ताकतवर नेता हो सकते हैं, लेकिन देश के सबसे ताकतवर नेता वाली आज उनकी छवि नहीं है.

इस दौरान उन्होंने रफाल विमान सौदे को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. साथ ही इस रक्षा सौदे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति द्वारा कराए जाने की मांग भी की.