कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सचिन पायलट ने राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की ‘गौरव यात्रा’ को असफल करार दिया है. एनडीटीवी के मुताबिक सचिन पायलट ने कहा है कि इस यात्रा के दौरान वसुंधरा राजे सिंधिया को पार्टी कैडर के अलावा राजस्थान के लोगों का भी समर्थन नहीं मिला इसीलिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया हासिल करने के लिए ने इसी महीने की 14 से 16 तारीख को रणपुर जबकि 20 से 22 तारीख के दौरान जयपुर में तीन दिवसीय बैठकों का अयोजन किया था. पायलट के मुताबिक पार्टी की ये बैठकें महज दिखावा थीं क्योंकि जरूरी फैसले तो पार्टी की तरफ से पहले ही हो चुके हैं.

इससे पहले राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर जनसमर्थन हासिल करने के उद्देश्य से वसुंधरा राजे सिंधिया चार अगस्त को गौरव यात्रा पर निकली थीं. 58 दिन चली इस यात्रा को तब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने राजपूत मतदाताओं के गढ़ कहे जाने वाले राजसमंद जिले से झंडी दिखाकर रवाना किया था.

उधर, सचिन पायलट ने दावा किया कि सात दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा करीब सौ मौजूदा विधायकों के टिकट काटने पर विचार कर रही है और यह सब मुख्यमंत्री को बचाने की कवायद है. पायलट के मुताबिक, ‘एंटी इनकमबेंसी के मद्देनजर भाजपा इस बारे में सोच रही है लेकिन राज्य की जनता में वसुंधरा राजे सिंधिया को लेकर असंतोष है. और इस असंतोष के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए न कि विधायकों को बलि का बकरा बनाया जाना चाहिए.’

इसके साथ ही सचिन पायलट ने सवालिया लहजे में यह भी कहा है कि जो पार्टी अपने ही विधायकों में विश्वास नहीं करती उस पर भला राजस्थान के लोग कैसे विश्वास कर सकते हैं. सचिन पायलट के मुताबिक भाजपा का चेहरा उजागर हो गया है और आगामी विधानसभा चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ेगा.