केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जा सकती है. इस बाबत सुप्रीम कोर्ट विशेष जांच दल (एसआईटी) भी बना सकता है.

पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई इै, जिसमें मांग है कि सीबीआई अफसरों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सर्वोच्च अदालत की निगरानी में एसआईटी से कराई जाए. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच इस पर सुनवाई के लिए राज़ी हाे गई है. इस बेंच में जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ भी हैं. याचिका स्वयंसेवी संगठन ‘कॉमन कॉज़’ के प्रमुख और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने लगाई है. इसमें उन्होंने दलील दी है कि यह बड़ा मामला है. यह भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जांच करने वाली सबसे बड़ी एजेंसी की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है. इसलिए इस याचिका की तुरंत सुनवाई होनी चाहिए.

ग़ौरतलब है कि सीबीआई के मौज़ूदा प्रमुख आलोक वर्मा और उनके नंबर दो अफसर विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने एक-दूसरे पर करोड़ों रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं. इन आरोपों के चलते दोनों के बीच लड़ाई इतनी बढ़ गई कि केंद्र सरकार ने उन्हें जबरन छुट्‌टी पर भेज दिया है. केंद्र सरकार के इस फैसले के ख़िलाफ़ वर्मा ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस पर 26 अक्टूबर को सुनवाई होने वाली है. उन्हाेंने इस याचिका में एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाने के फैसले को भी चुनौती दी है.