बीते साल भारत और वेस्टइंडीज के बीच एक श्रृंखला के दौरान जब भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे कर किए तो दुनिया भर के लोगों ने उन्हें तमाम उपाधियां दे डालीं. हालांकि, उनसे पहले भारत सहित दुनिया के कई खिलाड़ी ऐसा कर चुके थे, लेकिन कोहली के मामले में इस उपलब्धि के मायने ही अलग थे. उन्होंने यह कारनामा महज 205 पारियों में किया था और वे क्रिकेट के इस प्रारूप में सबसे तेजी से 10 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज हैं.

यही वजह थी कि विराट कोहली द्वारा इस नयी ऊंचाई को छूते ही क्रिकेट के गलियारों में उनके गुणगान शुरू हो गए. बांग्लादेश की टीम के सलामी बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान तमीम इकबाल ने एक साक्षात्कार में उनके बारे में कहा, ‘जिस तरह वे (विराट कोहली) खेलते हैं मुझे तो नहीं लगता कि वे कोई साधारण इंसान हैं. वे जब भी बैंटिग के लिए आते हैं तो ऐसा लगता है कि शतक बनाकर ही जाएंगे.’ तमीम का कहना था कि उन्होंने अपने 12 साल के करियर में कई महान खिलाड़ियों को खेलते देखा है और उन सबके अपने मजबूत पक्ष थे, लेकिन जिस तरह विराट कोहली मैदान में हावी होते हैं वैसा करते हुए उन्होंने किसी को नहीं देखा. इंग्लैड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉ सहित कई पूर्व क्रिकेटरों भी विराट कोहली को ‘गोट’( ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) या सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी बता चुके हैं.

विराट कोहली ‘गोट’ हैं या नहीं, यह लंबी और अलग बहस है. लेकिन ये आठ आंकड़े इसकी एक झलक देते हैं कि वर्तमान और पूर्व क्रिकेटरों ने उनके लिए जो कहा, वह क्यों कहा.

  1. इसी साल जून में विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे तेज महज 222 पारियों में ग्यारह हजार रन पूरे किए थे. इससे पहले साल 2018 में उन्होंने 205 पारियों में दस हजार रन बनाए थे. यानी दस से ग्यारह हजार रनों का सफर तय करने में उन्होंने सिर्फ 17 पारियों का समय लिया. केवल ग्यारह और दस हजार ही नहीं बल्कि सबसे तेज पांच, छह, सात, आठ और नौ हजार रन बनाने का कीर्तिमान भी भारतीय कप्तान के नाम ही है.
  2. अगर साल 2015 को छोड़ दें तो विराट कोहली साल 2011 से 2018 तक हर साल एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी रहे हैं. यही नहीं, साल 2011, 2017 और 2018 में उन्होंने दुनिया के किसी भी क्रिकेटर के मुकाबले ज्यादा रन बनाए हैं. 2019 में भी अब तक वे इस मामले में सबसे आगे बने हुए हैं.
  3. 2018 में ही दक्षिण अफ्रीका के साथ खेली गई द्विपक्षीय एक दिवसीय श्रृंखला में विराट कोहली ने 558 रन बनाए थे. ये किसी भी एक द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला में किसी एक बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे अधिक रन हैं. इस मामले में अगर उनके आस-पास कोई है तो वह भारत के ही रोहित शर्मा हैं. उन्होंने 2013 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ छह मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 491 रन बनाए थे.
  4. विराट कोहली साझेदारियों के मामले में भी नंबर एक हैं. उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में नौ बार 200 रनों से ऊपर की साझेदारी की है. उनके आस-पास रिकी पोंटिग और उपुल थरंगा हैं जिन्होंने अपनी-अपनी टीम के लिए सात पारियों में 200 या उससे ऊपर की साझेदारी की है
  5. टी-20 में सबसे अधिक बार 50 रन बनाने का रिकॉर्ड भी विराट कोहली के ही नाम है. उन्होंने इस प्रारूप में 69 मैचों में अब तक 20 अर्धशतक लगाए हैं. इनसे थोड़ा ही पीछे भारत के ही सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं जिन्होंने 96 मैचों में 17 अर्धशतक लगाए हैं.
  6. विराट कोहली एकदिवसीय मैचों में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी हैं. 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 52 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था. इससे पहले यह उपलब्धि वीरेंद्र सहवाग के नाम दर्ज थी जिन्होंने न्यूजीलैंड के विरुद्ध 60 गेंदों पर शतक बनाया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने से जुड़ा एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी है कि ऐसा करते हुए विराट कोहली ने 21 बार शतक लगाया है. जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. यहां वे सचिन तेंदुलकर से चार कदम आगे हैं.
  7. बीते अगस्त में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक और नया कीर्तिमान स्थापित किया. वह किसी एक दशक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बीस हजार रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गये. अब तक उन्होंने टेस्ट में 7,066 रन, एकदिवसीय में 11,520 और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 2,450 रन बनाए हैं. यानी अब तक तीनों प्रारूपों में विराट के कुल मिलाकर 21,036 रन हैं जिनमें से 20,552 रन उन्होंने वर्तमान दशक में बनाये हैं.
  8. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने बीते अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपना सातवां दोहरा शतक बनाया. इस तरह उन्होंने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग का रिकार्ड तोड़ दिया. इन दोनों ने टेस्ट क्रिकेट में छह-छह दोहरे शतक लगाए थे. अंतराष्ट्रीय क्रिकेट में अब भारतीय कप्तान से आगे केवल तीन नाम ही हैं. इनमें डॉन ब्रेडमैन के नाम 12 दोहरे शतक, कुमार संगकारा के नाम ग्यारह और ब्रायन लारा के नाम नौ दोहरे शतक हैं.

विराट कोहली की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यह है कि वे पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की तरह आक्रामक भी हो सकते हैं तो मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ की तरह रक्षात्मक भी. जानकारों के मुताबिक बल्लेबाजी की उनकी शैली में जरूरत के हिसाब से तेजी के साथ संयम भी है और यही वजह है कि वे इतने कम समय में बड़े-बड़े कीर्तिमानों को धराशाई करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं.