भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही एकदिवसीय श्रृंखला के दूसरे मैच में बुधवार को भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक और सैकड़ा जमाते हुए एकदिवसीय क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे कर लिए. उन्होंने यह कारनामा मात्र 205 पारियों में किया. इसके साथ ही विराट कोहली क्रिकेट के इस प्रारूप में सबसे तेजी से 10 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बन गए. इससे पहले यह कीर्तिमान भारत में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज था. उन्होंने 2001 में अपनी 259वीं पारी में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए यह कीर्तिमान स्थापित किया था.

विराट कोहली द्वारा इस नयी ऊंचाई को छूते ही क्रिकेट के गलियारों में उनके गुणगान शुरू हो गए. यह स्वाभाविक भी था. वैसे भी वे जिस तरह से कीर्तिमान तोड़ते और स्थापित करते जा रहे हैं उससे तो यह साफ जाहिर होता है कि मौजूदा दौर में उनकी टक्कर का कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं है. बांग्लादेश की टीम के सलामी बल्लेबाज और पूर्व टेस्ट कप्तान तमीम इकबाल ने कुछ दिन पहले ही एक साक्षात्कार में उनके बारे में कहा, ‘जिस तरह वे (विराट कोहली) खेलते हैं मुझे तो नहीं लगता कि वे कोई साधारण इंसान हैं. वे जब भी बैंटिग के लिए आते हैं तो ऐसा लगता है कि शतक बनाकर ही जाएंगे.’ तमीम का कहना था कि उन्होंने अपने 12 साल के करियर में कई महान खिलाड़ियों को खेलते देखा है और उन सबके अपने मजबूत पक्ष थे, लेकिन जिस तरह विराट कोहली मैदान में हावी होते हैं वैसा करते हुए उन्होंने किसी को नहीं देखा. इंग्लैड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉ ने तो अपने एक ट्वीट के जरिए विराट कोहली को ‘गोट’( ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) या सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी बता दिया.

विराट ‘गोट’ हैं या नहीं, यह लंबी और अगल बहस है. लेकिन ये सात आंकड़े इसकी एक झलक देते हैं कि माइकल वॉ ने जो कहा है वह क्यों कहा है.

  1. केवल दस हजार ही नहीं बल्कि सबसे तेज पांच, छह, सात आठ और नौ हजार रन बनाने का कीर्तिमान भी वर्तमान भारतीय कप्तान के नाम ही है. सबसे तेज आठ हजार बनाने के लिए विराट कोहली ने मिस्टर 360 डिग्री कहे जाने वाले साऊथ अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स को पछाड़ा था.
  2. विराट कोहली ने 175 पारियों में आठ हजार रन बनाए थे. नौ से दस हजार रनों का सफर तय करने में उन्होंने सिर्फ 11 पारियों का समय लिया. यानी पिछली 11 पारियों में उन्होंने हर पारी में औसतन 90 से ऊपर का स्कोर किया.
  3. अगर साल 2015 को छोड़ दें तो विराट कोहली साल 2011 से 2017 तक भारत की ओर से एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं. यही नहीं, साल 2011 और 2017 में उन्होंने दुनिया के किसी भी क्रिकेटर के मुकाबले ज्यादा रन बनाए थे.
  4. 2018 में ही दक्षिण अफ्रीका के साथ खेली गई द्विपक्षीय एक दिवसीय श्रृंखला में विराट कोहली ने 558 रन बनाए थे. ये किसी भी एक द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखला में किसी एक बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे अधिक रन हैं. इस मामले में अगर उनके आस-पास कोई है तो वह भारते के ही रोहित शर्मा हैं. जिन्होंने 2013 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ छह मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में 491 रन बनाए थे.
  5. विराट कोहली साझेदारियों के मामले में भी नंबर एक हैं. उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में नौ बार 200 रन से ऊपर की साझेदारी की है. उनके आस-पास रिकी पोंटिग और उपुल थरंगा हैं जिन्होंने अपनी-अपनी टीम के लिए सात पारियों में 200 या उससे ऊपर की साझेदारी की है
  6. टी-20 में सबसे अधिक बार 50 रन बनाने का रिकॉर्ड भी विराट कोहली के ही नाम है. उन्होंने इस प्रारूप में अब तक 18 अर्धशतक लगाए हैं. इनसे थोड़ा ही पीछे भारत के ही सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं जिन्होंने 84 मैचों में 15 अर्धशतक लगाए हैं.
  7. विराट कोहली एकदिवसीय मैचों में भारत की तरफ से सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी हैं. 2013 में जयपुर में आस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने 52 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया था. इससे पहले यह उपलब्धि वीरेंद्र सहवाग के नाम दर्ज थी जिन्होंने न्यूजीलैंड के विरुद्ध 60 गेंदों पर शतक बनाया था. लक्ष्य का पीछा करते हुए शतक लगाने से जुड़ा एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी है कि ऐसा करते हुए विराट कोहली ने 18 बार शतक लगाया है. जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. यहां वे सचिन तेंदुलकर से एक कदम आगे हैं.

विराट कोहली की सबसे बड़ी खासियतों में से एक यह है कि वे पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग की तरह आक्रामक भी हो सकते हैं तो मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ की तरह रक्षात्मक भी. जानकारों के मुताबिक बल्लेबाजी की उनकी शैली में जरूरत के हिसाब से तेजी के साथ संयम भी है और यही वजह है कि वे इतने कम समय में बड़े-बड़े कीर्तिमानों को धाराशाई करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं.