सऊदी अरब ने गुरुवार को माना है कि तुर्की के शहर इस्तांबुल में स्थित उसके दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या एक योजना बनाकर की गई थी. यह जानकारी सऊदी प्रेस एजेंसी की ओर से दी गई है. सऊदी अरब के कानून विभाग के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि तुर्की के अधिकारियों से जो जानकारी मिल रही है उसे देखते हुए लग रहा है कि जमाल खशोगी के हत्या के मामले में संदिग्धों का काम पूर्वनियोजित था. वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन भी पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या को पूर्वनियोजित करार दे चुके हैं.

उधर, बुधवार को इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा था कि सऊदी अरब इस मामले की जांच करने वाले तुर्की के अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहा है. उन्होंने जमाल खशोगी की हत्या को ‘जघन्य अपराध’ बताया है. हालांकि तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुट कावुसोगलु का कहना है कि सऊदी अरब को ये बताना चाहिए कि इस सिलसिले में उसके द्वारा गिरफ्तार किए गए 18 संदिग्धों का हत्या से क्या संबंध है और उन्हें किसने हत्या का आदेश दिया था. मेवलुट के मुताबिक सऊदी अरब ने यह तो मान लिया कि उसके नागरिक इस हत्या में शामिल हैं, लेकिन जमाल खशोगी की लाश अभी तक नहीं मिली है जबकि उनके परिजन उन्हें आखिरी विदाई देना चाहते हैं. तुर्की के विदेश मंत्री ने यह भी साफ किया है कि इस मामले में सभी अभियुक्तों पर तुर्की में ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी.