गूगल प्ले स्टोर में मौजूद 90 प्रतिशत से ज्यादा एप उपभोक्ताओं की अनुमति के बिना उनके डाटा को गूगल के साथ साझा करते हैं. फाइनेंसियल टाइम्स ने एक रिपोर्ट में बताया है कि ये डाटा उम्र, लिंग, स्थान और दूसरी एप संबंधित होता है जो किसी उपभोक्ता का पूरा प्रोफाइल तैयार करता है. इस प्रकार जमा किए डाटा (सूचनाओं) का प्रयोग विज्ञापन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया जाता है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि समाचार आधारित फ्री एप और बच्चों के लिए बनी एप सबसे ज्यादा डाटा गूगल के साथ साझा करती है.

रिपोर्ट के मुताबिक एप न सिर्फ गूगल को बल्कि इनमें से 43 प्रतिशत एप फेसबुक और दूसरी कंपनियों जैसे ट्विटर, वेरिजॉन, माइक्रोसॉफ्ट और ऐमजॉन जैसी कंपनियों को उपभोक्ताओं की सूचनाएं उपलब्ध करवाती हैं. गूगल और फेसबुक उपभोक्ताओं की सूचनाओं को एकत्रित कर विज्ञापन के लिए इसका प्रयोग करने के लिए जानी जाती है.

उधर, अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन करते हुए गूगल ने बीबीसी को बताया है कि गूगल और गूगल प्ले स्टोर में उनके पास स्पष्ट नीतियां और दिशा निर्देश हैं कि एप बनाने वाली कंपनियां और थर्ड पार्टी एप किसी उपभोक्ता के डाटा को कैसे संभालेंगी. गूगल ने बताया कि उन्होंने एप बनाने वालों को पारदर्शी रहने और उपभोक्ताओं की सूचना को बिना अनुमति के प्रयोग न करने की हिदायत दी हुई है. गूगल के मुताबिक अगर कोई एप इन नीतियों का उललंघन करता है तो कंपनी उन पर कार्रवाई करती है.