पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कहा है कि आगामी आम चुनाव के दौरान अगर देश के क्षेत्रीय राजनीतिक दल एकजुट नहीं होते तो 2019 के बाद कोई चुनाव नहीं होगा. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक महाराष्ट्र के अलीगांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा, ‘अगर मराठा और धांगड़ समुदायों की मांगों को महाराष्ट्र सरकार पूरा नहीं कर पाती तो 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नुकसान उठाना पड़ेगा.’

इस मौके पर उनका यह भी कहना था, ‘आगामी लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी बनाम किसान लड़ा जाएगा जिसमें लोग खुद नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ खड़े होंगे. इस दौरान मेरा काम लोगों को सिर्फ जागरूक करने का रहेगा. मैं किसी राजनीतिक दल का समर्थन व सहयोग नहीं करूंगा.’ इस दौरान ‘मराठा मोर्चा’ को एक राजनीतिक नाटक करार देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में शिवाजी मेमोरियल बनाने के बजाय सरकार को नौकरियों के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए.

इससे पहले बीते महीने किसानों की कर्जमाफी और शैक्षणिक संस्थानों व नौकरियों में पाटीदारों को आरक्षण दिए जाने की मांग करते हुए हार्दिक पटेल ने आमरण अनशन किया था. हालांकि उस दौरान पाटीदार समुदाय के कुछ अन्य नेताओं की सलाह पर ​19वें दिन उन्होंने अपना अनशन तोड़ दिया था. तब हार्दिक पटेल ने यह भी कहा था, ‘समुदाय के लोगों ने मुझे जिंदा रहकर अपनी मांगों की लड़ाई लड़ने के लिए कहा इस वजह से मैंने अनशन तोड़ने का फैसला किया है.’