कोरियन ऑटोमोबाइल कंपनी ह्युंडई ने इस फेस्टिव सीज़न में अपनी सबसे बड़ी सौगात के तौर पर लोकप्रिय हैचबैक सेंट्रो का नया रूप पेश किया है. बाजार में इस कार का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. बता दें कि 1996 में भारतीय बाजार में प्रवेश करने के करीब दो वर्ष बाद ह्युंडई ने सेंट्रो को लॉन्च किया था. इसके बाद से ही इस कार को लोगों का जबरदस्त प्यार मिलता रहा है. सेंट्रो के साथ ह्युंडई उन लोगों के लिए सटीक विकल्प बनकर उभरी जो मारुति-सुज़ुकी से मिलते-जुलते दामों में ही वैश्विक स्तर की खूबियां वाली गाड़ी चाहते थे. लॉन्च होने के करीब नौ वर्ष बाद यानी 2009 में सेंट्रो को आई-10 से अपडेट कर दिया गया. इसके बाद से ही कंपनी की हैचबैक ईऑन और आई-10 के बीच का यह सेगमेंट पूरी तरह खाली था जिसमें मारुति-सुज़ुकी की वैगन-आर जैसी कार लगातार कमाल करने में सफल रही है.

यदि लुक्स की बात करें तो सेंट्रो-2018 से उन लोगों को निराशा हो सकती है जो मारुति और टाटा की नई कारों को देखने के बाद ह्युंडई से भी डिज़ायन के मामले में कुछ ज्यादा की उम्मीद पाले बैठे थे. लेकिन बाकियों को पुरानी सेंट्रो के ही टॉलबॉय डिज़ायन पर आधारित यह कार ठीक-ठाक प्रभावित करने में सफल रह सकती है. ह्युंडई ने नई सेंट्रो को पांच वेरिएंट- डी-लाइट, ऐरा, मैग्ना, स्पोर्ट्ज़ और ऐस्टा में पेश किया है. कंपनी ने शुरुआती तीन वेरिएंट के साथ आठ किलोग्राम क्षमता वाली सीएनजी किट देने के साथ इसके स्पोर्ट्ज़ और ऐस्टा वेरिएंट को ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ लॉन्च किया है.

ह्युंडई इंडिया ने कार के फ्रंट में नए हेलोजन हैडलैंप्स लगाए हैं. लेकिन यहां प्रोजैक्टर सेटअप या एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट्स की कमी खलती है. गाड़ी का रियर लुक भी पुराने पैटर्न की टेललाइट्स की वजह से आपको ज्यादा खुश नहीं करेगा. लेकिन नया बंपर यहां संतुलन बना पाने में सफल दिखता है. इस सेंट्रो में कंपनी ने कवर के साथ 14-इंच के स्टील व्हील्स तो उपलब्ध कराए हैं लेकिन, अलॉय व्हील्स का विकल्प नहीं दिया है.

सेंट्रो-2018 के नएपन का सही अहसास आपको कार के अंदर झांकने पर होता है जहां ज्यादा स्पेस वाले हेडरूम और लेगरूम के साथ बेहतरीन ढंग से सजा हुआ केबिन दिल खुश करता है. केबिन को खूबसूरत बनाने वाले टू-टोन बैज़ और ब्लैक फिनिश डेशवर्क से साथ भगवान ‘गणपति’ के चेहरे का आभास देने वाला सेंट्रल कन्सोल कार को फुल इंडियन टच देता है. अन्य खूबियों की बात करें तो कार में रियर एसी वेंट्स दिए गए हैं जो सेगमेंट के हिसाब से ग्राहकों को लुभा सकते हैं. सेंट्रो अपनी क्लास की पहली कार है जिसमें एप्पल कार प्ले और एंड्रॉइड ऑटो सपोर्ट वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम लगाया है. सेंट्रो के स्पोर्ट्ज़ और एस्टा मॉडल के साथ आने वाला 7-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम ब्ल्यूटूथ और मिररलिंक सपोर्ट करने के साथ इनबिल्ट नेविगेशन की खूबी से लैस है.

ह्युंडई इंडिया ने नई पेंट स्कीम- डिआना ग्रीन के साथ सेंट्रो का स्पेशल वर्ज़न भी उपलब्ध करवाया है. कार के इंटीरियर जैसे- एसी वेंट्स, ऑडियो नॉब और गियर लिवर के आसपास हरा एक्सेंट दिया गया है. इस वर्ज़न में ऑल-ब्लैक इंटीरियर के साथ हरी स्टिचिंग वाली ब्लैक सीट्स दी गई हैं.

परफॉर्मेंस के मामले में ह्युंडई ने नई जेनरेशन की इस सेंट्रो में 1.1-लीटर का चार-सिलेंडर वाला ‘एप्सिलोन’ पेट्रोल इंजन लगाया है जो 68 बीएचपी पॉवर के साथ 99 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. वहीं सीएनजी किट के साथ इस इंजन की ताकत दस हॉर्स पॉवर घटकर 58 रह जाती है. कंपनी का दावा है कि नई सेंट्रो 20.3 किलोमीटर/लीटर की माइलेज देती है. सुरक्षा के लिहाज से देखें तो नई सेंट्रो एक बार फिर आपको निराश कर सकती है क्योंकि इसमें एक ही एयरबैग (ड्राइवर साइड) स्टैंडर्ड तौर पर दिया गया है. जानकारों का कहना है कि इस मामले में ह्युंडई को हाल ही में लॉन्च हुई डैटसन की अपडेटेड हैचबैक ‘गो’ से सीख लेनी चाहिए थी जिसमें दो एयरबैग स्टैंडर्ड तौर पर दिए गए हैं.

ह्युंडई इंडिया ने सेंट्रो-2018 की शुरुआती एक्सशोरूम कीमत 3.89 लाख रुपए रखी है जो कार के टॉप वेरिएंट के लिए 5.45 लाख रुपए तक जाती है. ऑटोविशेषज्ञों का कहना है कि ह्युंडई की यह नई पेशकश मारुति-सुज़ुकी की वैगन-आर और सेलेरियो जैसी कारों को टक्कर देने के साथ टाटा टिआगो और रेनो क्विड जैसी कारों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है.

2020 से बीएस-IV मानक वाली गाड़ियों की बिक्री पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने एक अप्रैल 2020 से भारत में बीएस-IV यानी भारत स्टेज- IV मानक वाले वाहनों की बिक्री को रोकने के आदेश दिए हैं. भारत में लगातार बढ़ रहे जानलेवा प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए वाहनों के उत्सर्जन मानकों को लगातार बदला जाता रहा है. गौरतलब है कि 2020 में बीएस -IV से बीएस-V की बजाय सीधे बीएस-VI मानक लागू किए जाएंगे. बीएस- IV मानकों को सबसे पहले एक अप्रैल 2017 को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद ही लागू किया गया था जिसके बाद देश में बीएस-III इंजन वाले वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी.

जानकारों का कहना है कि बीएस-VI मानक के इंजन को मौजूदा उपलब्ध साधारण ईंधन नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए सरकार के सामने इस ईंधन की पर्याप्त व्यवस्था करने की चुनौती रहेगी जिससे जुड़ी योजनाओं पर काम चालू है. इसी साल अप्रैल में दिल्ली भारत का पहला राज्य बन गया है जहां एक फ्यूल स्टेशन पर बीएस-VI ईंधन उपलब्ध करवाया गया है. यदि बीएस-VI मानकों पर खरी उतरने वाली देश की पहली गाड़ी की बात करें तो वह इस साल लॉन्च हुई मर्सिडीज़ एस-क्लास 350डी है. मर्सिडीज़ का दावा है कि इस कार का इंजन मौजूदा विकल्पों से 82 फीसदी कम प्रदूषण फैलाता है.

टाटा टिगोर और टिआगो के तेज रफ़्तार वाले वर्ज़न पेश

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक टिआगो और सेडान टिगोर का तेज रफ़्तार वाला वर्ज़न ‘जेटीपी’ पेश कर दिया है. टाटा मोटर्स और कोयंबटूर की जेयम ऑटोमोटिव्स द्वारा साझेदारी में विकसित करने की वजह से इस वर्ज़न को जेयम टाटा परफॉर्मेंस यानी जेटीपी नाम मिला है. यह वर्ज़न दोनों कंपनियों की साझेदारी में तैयार किया गया पहला उत्पाद है. टाटा मोटर्स ने सबसे पहले ऑटो एक्सपो-2018 में टिआगो और टिगोर के जेटीपी वर्ज़न लॉन्च करने की घोषणा की थी. कंपनी का कहना है कि उसकी ये दो नई पेशकश उन युवा ग्राहकों को खूब लुभाएगी जो कम बजट में तेज रफ़्तार का शौक पूरा करना चाहते हैं.

दोनों कारों के जेटीपी एडिशन में टाटा मोटर्स ने लुक्स से लेकर परफॉर्मेंस तक हर मायने में कुछ न कुछ बदलाव कर फ्रेश अपील देने की कोशिश की है. दोनों ही कारों के साथ नया फ्रंट बंपर मिलता है जो पहले से आकर्षक है. इसके अलावा इन गाड़ियों के फ्रंट लुक को जेटीपी का बैच लगी बड़े आकार की ट्रैपेज़ोडिअल लोअर ग्रिल और डुअल चेंबर प्रोजैक्टर हेडलैंप्स के साथ क्रोम रिंग्स कैची बनाते हैं. साथ ही स्पोर्टी साइड स्कर्ट्स, कंट्रास्ट कलर वाले बाहरी मिरर, ग्लॉसी ब्लैक रूफ, रियर स्पॉइलर वाला डुअल टोन एक्सटीरियर और 15-इंच के डायमंड कट डुअल टोन अलॉय व्हील्स इसे भरपूर स्पोर्टी लुक देते हैं. यदि इन कारों के केबिन की बात करें तो यहां ब्लैक इंटीरियर के साथ एसी वेंट्स और प्रीमियम लेदर वाली सीटों पर स्पोर्टी रेड एक्सेंट देखने को मिलता है. टिआगो और टिगोर के जेटीपी वर्ज़न में टाटा मोटर्स ने हार्मन का कनेक्टनैक्स्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया है जो 8 स्पीकर्स, ऐप कनेक्टिविटी और वॉइस कमांड रिकोगनिशन से लैस है.

यदि परफॉर्मेंस के लिहाज़ से देखें तो टाटा ने अपनी इन दोनों ही कारों में 1.2-लीटर का टर्बोचार्ज्ड रेवेट्रॉन पेट्रोल इंजन लगाया है जो 112 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 150 एनएम का पीक टॉर्क उत्पन्न करने में सक्षम है. टाटा मोटर्स का दावा है कि इस इंजन की मदद से ये दोनों ही कारें 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ने में सिर्फ 10 सेकंड का समय लेती हैं. कंपनी ने कार के इंजन को 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन से लैस किया है जो बेहतर परफॉर्मेंस के हिसाब से ट्यून किया गया है. साथ ही दोनों कारों में स्पोर्ट और सिटी जैसे ड्राइविंग मोड भी दिए गए हैं. सुरक्षा की बात करें तो टाटा मोटर्स ने जेटीपी एडिशन की दोनों ही कारों को डुअल एयरबैग, एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) के साथ इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रिब्यूशन (ईबीडी) और कॉर्नर स्टेबिलिटी कंट्रोल से लैस किया है. टाटा मोटर्स ने टिआगो जेटीपी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 6.39 लाख रुपए और टिगोर जेटीपी की कीमत 7.49 लाख रुपए तय की है.