अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अब सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई टलने पर नाखुशी जाहिर की है. खबरों के मुताबिक मंगलवार को अनिल विज ने एक ट्वीट में लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट महान है, जो चाहे वह करे. चाहे याकूब मेनन के लिए रात 12 बजे सुप्रीम कोर्ट को खोले, चाहे तो राम मंदिर, जिस पर लोग टकटकी लगाकर देख रहे हैं, उसको तारीख पर तारीख मिले. यह तो सुप्रीम कोर्ट की मर्जी है.’

इससे पहले इसी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी तक के लिए टाल दी थी. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने यह भी कहा था कि इस मुद्दे की सुनवाई के लिए ‘उचित बेंच’ अगली तारीख तय करेगी. उधर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर संत समाज की ओर से असंतोष जाहिर किए जाने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है.

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक ट्वीट में लिखा है, ‘अयोध्या मामले को कब सुना जाएगा इस बात का फैसला अदालत करेगी. इस बारे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या कांग्रेस कोई फैसला नहीं कर सकती. राम मंदिर को लेकर सरकार अगर कोई कानून बनाना चाहती है तो कांग्रेस ने उसे नहीं रोका है.’ चुनाव के मद्देजनर इस मुद्दे को उठाए जाने की बात कहने के साथ इसी ट्वीट में उन्होंने सवालिया लहजे में भाजपा से यह भी पूछा है, ‘बीते चार सालों से क्या वह सो रही थी.’

उधर एक निजी चैनल से बातचीत में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए कानून बनाने जैसे विकल्प पर फिलहाल सरकार कोई विचार नहीं कर रही है. उनका यह भी कहना है, ‘हम संवैधानिक बाध्यताओं में बंधे हुए हैं. मामला सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए शीर्ष अदालत को जल्द से जल्द इस पर अपना फैसला सुनाना चाहिए. न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है. देश में शांति और सौहार्द के साथ व्यापक आस्था का सम्मान करने के लिए मौजूद विकल्प पर विचार किया जाना चाहिए.’