जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजी) का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी दिलबाग सिंह को अब पूर्णकालिक तौर पर यह जिम्मेदारी सौंप दी गई है. एनडीटीवी के मुताबिक इस पद के लिए बीते हफ्ते संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने राज्य को तीन नाम सुझाए थे. इन्हीं में से बुधवार को वहां के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अगुवाई वाले राज्य प्रशासनिक परिषद् ने उनके नाम पर मंजूरी दे दी.

इससे पहले इसी साल छह सितंबर को तत्कालीन महानिदेशक एसपी वैद्य को राज्य का परिवहन आयुक्त नियुक्त करने के साथ ही दिलबाग सिंह को वहां के पुलिस प्रमुख का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था. 1987 बैच के आईपीएस दिलबाग सिंह उस वक्त जम्मू-कश्मीर में महानिदेशक (कारावास) के पद पर तैनात थे.

हालांकि उनकी इस नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी. इस नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का तर्क देते हुए प्रशांत भूषण ने कहा था कि दिलबाग सिंह भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपित हैं जबकि पूर्व महानिदेशक एसपी वैद्य पर न तो कोई आरोप है और न उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई ही हुई है. हालांकि तब शीर्ष अदालत ने इस नियुक्ति में कोई हस्तक्षेप ​करने से इनकार ​कर दिया था. साथ ही यूपीएससी को इस पद के लिए राज्य को नाम सुझाने जबकि राज्य द्वारा चार हफ्ते के भीतर इस पर निर्णय करने को कहा था.