सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खशोगी हत्या के मामले में तुर्की ने एक नया खुलासा किया है. तुर्की का कहना है कि खशोगी की हत्या सऊदी वाणिज्यिक दूतावास में दाखिल होते ही गला दबा कर दी गई थी. बुधवार को तुर्की के प्रमुख अभियोजक इरफान फिदान के कार्यालय ने एक बयान जारी कर मीडिया को यह जानकारी दी है.

इस बयान में कहा गया है कि खशोगी की हत्या सुनियोजित तरीके से ही की गयी थी और हत्या के बाद उनके शव को ठिकाने लगाने से पहले उनके शरीर के कई टुकड़े किए गए थे. तुर्की के अभियोजन पक्ष का यह भी कहना है कि तुर्की के प्रमुख अभियोजक इरफान फिदान ने सच का खुलासा करने के लिए काफी प्रयास किये हैं, लेकिन इसके बावजूद सऊदी अरब के प्रमुख अभियोजक अल-मोजेब के साथ चर्चा में कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका है.

सऊदी अरब के मुख्य अभियोजक सऊद अल-मोजेब तुर्की के तीन दिवसीय दौरे पर आए थे. बुधवार को उनका दौरा खत्म होने के बाद ही तुर्की के प्रमुख अभियोजक की ओर से यह घोषणा की गई है.

तुर्की खशोगी की हत्या को लेकर सऊदी अरब पर लगातार दबाव बना रहा है. उसने सऊदी अरब में हिरासत में लिए गए 18 संदिग्धों के प्रत्यर्पण की भी मांग की है. वह सऊदी अरब पर खशोगी के अवशेषों के बारे में सूचना देने को लेकर भी दबाव बना रहा है जिसके बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है. इसके अलावा तुर्की के प्रमुख अभियोजक ने सऊदी के अभियोजक से उसे व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मांगी है जिसने खशोगी की हत्या का आदेश दिया था.

बीते 2 अक्टूबर को इस्तांबुल स्थित सऊदी के वाणिज्य दूतावास में प्रवेश के बाद से खशोगी लापता हो गए थे. खशोगी सऊदी अरब के शाही परिवार के मुखर आलोचक थे और निर्वासन में अमेरिका में रह रहे थे. तुर्की का आरोप है कि सऊदी अरब के शहजादे मोहम्मद बिन सलमान के करीबियों में शामिल एक अधिकारी ने ही पत्रकार की हत्या की थी.