दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र पुलिस बल) के 16 पूर्व जवानों को 1987 के हाशिमपुरा दंगा मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई है. इससे पहले निचली अदालत ने इन्हें बरी कर दिया था. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इन जवानों पर अल्पसंख्यक समुदाय के 42 लोगों की हत्या का आरोप सही पाया गया है. वहीं, इस मामले में भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने एक याचिका दायर की है. इसमें तत्कालीन गृह राज्य मंत्री पी चिदंबरम की भूमिका पर सवाल खड़े किए गए हैं. हाई कोर्ट ने इस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है.

‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने में सरकारी कंपनियों के सीएसआर फंड का इस्तेमाल
गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा (स्टेच्यू ऑफ यूनिटी) स्थापित करने के लिए सरकारी कंपनियों (पीएसयू) से मिली रकम पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने सवाल उठाया है. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पांच पीएसयू ने साल 2016-17 में अपने कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) बजट से इसके लिए 147 करोड़ रुपए दिए थे. जबकि मूर्ति के लिए फंड जारी करना सीएसआर के तहत नहीं आता है. प्राइस डेटाबेस के मुताबिक भी दर्जनभर पीएसयू ने इस मूर्ति के लिए बीते पांच सालों में 293 करोड़ रुपए दिए हैं. यह आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है.
अगले साल से सार्वजनिक वाहनों के लिए लोकेशन ट्रैकिंग और आपात बटन अनिवार्य
केंद्र सरकार ने एक जनवरी, 2019 से पंजीकृत सार्वजनिक वाहनों के लिए लोकेशन ट्रैकिंग और आपात बटन लगाना अनिवार्य कर दिया है. हिंदुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस बारे में बीती 25 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की गई थी. इसमें कहा गया है कि उपकरण लगाने की यह व्यवस्था ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए नहीं है. सड़क और परिवहन मंत्रालय ने इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. लोकेशन ट्रैंकिंग के जरिए वाहन की निगरानी की जा सकेगी. जबकि आपात बटन का इस्तेमाल खतरा महसूस होने पर किया जा सकता है.
साइरस मिस्त्री को टाटा समूह से हटाने में कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन
साइरस मिस्त्री को टाटा सन्स के अध्यक्ष पद से हटाने में कानून प्रावधानों का उल्लंघन हुआ था. अमर उजाला की खबर की मानें तो इस बात का खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत कंपनी मामलों के सहायक पंजीयक से हासिल जवाब के जरिए हुआ है. इसमें कहा गया है कि साइरस मिस्त्री को हटाने में कंपनी कानून के साथ भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और एनबीएफसी के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है. साथ ही, टाटा सन्स ने अपने नियमों का भी पालन नहीं किया है. उधर, टाटा सन्स के प्रवक्ता ने इस बारे में मामला अदालत में लंबित होने को कारण बताते हुए टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है.
पाकिस्तान : ईशनिंदा की दोषी महिला बरी, फैसले पर हिंसक प्रदर्शन
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने ईशनिंदा की दोषी एक ईसाई महिला को बरी कर दिया. इससे पहले दोषी आसिया बीबी को फांसी की सजा दी गई थी और वे बीते आठ सालों से जेल में थीं. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक अदालत के इस फैसले के बाद इस्लामाबाद और लाहौर सहित कई बड़े शहरों में लाखों लोग सड़क पर सुप्रीम कोर्ट, सेना और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. सरकारी इमारतों और गाड़ियों में आग लगा दी गई. इन हिंसक गतिविधियों को देखते हुए पंजाब प्रांत में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. 1980 के दशक में सैन्य तानाशाह जिया-उल-हक ने ईशनिंदा कानून लागू किया था. इसके तहत कुरान, पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम के धार्मिक तरीकों का अपमान करने वाले को मौत की सजा देने तक का प्रावधान है.
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