अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं द्वारा कानून बनाने की मांग को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने भाजपा पर निशाना साधा है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक गुरुवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘भाजपा को लगता है कि आगामी आम चुनाव में राम उन्हें जीत दिला देंगे. लेकिन ऐसा नहीं है. न राम, न अल्लाह किसी को चुनाव में जीत दिला सकते हैं. यह देश के आम लोग हैं जो चुनाव में वोट देकर किसी की जीत सुनिश्चित कराते हैं.’

फारुक अब्दुल्ला के मुताबिक, ‘यह किसी मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे का सवाल नहीं है. भारत में हर धर्म का एक विशेष स्थान है.’ इस दौरान उन्होंने आगामी आम चुनाव के लिए विपक्षी दलों से गठबंधन बनाने का आग्रह भी किया. अलग-अलग विचारधाराओं के दलों के महागठबंधन की सफलता को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो उनका कहना था, ‘सब कुछ हो सकता है. ऐसा कुछ नहीं जो संभव न हो सके.’

उधर, राम मंदिर के निर्माण पर महाराष्ट्र में शिवाजीनगर से विधायक रोशन बेग ने सवालिया लहजे की एक टिप्पणी में कहा है, ‘अगर भारत में मंदिर का निर्माण नहीं होगा तो क्या यह पाकिस्तान में बनेगा.’ भाजपा पर निशाना साधते हुए कांग्रेस विधायक का यह भी कहना है, ‘अयोध्या का मुद्दा शीर्ष अदालत में होने के बावजूद कुछ लोग इसे लेकर हिंदुओं व मुसलमानों में मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.’ रोशन बेग ने आगे कहा, ‘भाजपा बीते साढ़े चार साल से केंद्र की सत्ता में है. तो क्या वजह थी कि सत्ताधारी दल को अब इस मुद्दे पर कानून बनाने की याद आ रही है?’

इस बीच भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने अयोध्या में राम मंदिर को लेकर प्राइवेट मेंबर बिल लाने की बात कही है. इसके साथ ही एक ट्वीट के जरिये उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित मायावती, सीताराम येचुरी, लालू प्रसाद यादव जैसे विपक्षी दलों के कई दूसरे नेताओं से सीधे शब्दों में पूछा है कि क्या वे लोग इस बिल पर उनका समर्थन करेंगे?

एक अन्य ट्वीट में राकेश सिन्हा ने यह भी लिखा है कि शीर्ष अदालत ने धारा 377, जलीकट्टू और सबरीमला जैसे मुद्दों पर फैसला सुनाने में कितना समय लगाया? लेकिन कई दशकों से चला आ रहा अयोध्या विवाद सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता में नहीं है. इसके साथ ही राकेश सिन्हा इसी ट्वीट में राम मंदिर को हिंदुओं की शीर्ष प्राथमिकता भी बताया है.