भारतीय तकनीकी संस्थान, मद्रास (आईआईटीएम) के छात्रों ने देश का पहला माइक्रोप्रोसेसर ‘शक्ति’ तैयार कर लिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इसे भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) के चंडीगढ स्थित सेमी कंडक्टर लैब में तैयार किया गया. उम्मीद जताई जा रही है कि इस उपलब्धि के बाद अब मोबाइल फोन, कैमरा और स्मार्ट मीटर में लगने वाले माइक्रोप्रोसेसर के आयात में भारत की निर्भरता कम हो सकेगी. आईआईटीएम की राइज लैब के लीड रिसर्चर प्रोफेसर कामकोटी वीजीनाथन ने बताया है कि कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों में कस्टमाइज्ड प्रोसेसर (विशेष दक्षता वाले) की आवश्यकता होती है और उनकी टीम ने जो माइक्रोप्रोसेसर बनाया है वो इस लिहाज से काफी उपयोगी है.

इस माइक्रोप्रोसेसर को बनाने वाली टीम का यह भी कहना है कि ‘शक्ति’ के बाद सुपर कंप्यूटर के लिए एक एडवांस माइक्रोप्रोसेसर ‘पराशक्ति’ भी लगभग तैयार है. यह दिसंबर 2018 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा.

माइक्रोप्रोसेसर सभी कंप्यूटरों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. इनमें सभी गणनाएं माइक्रोप्रोसेसर द्वारा ही संपन्न होती हैं इसलिए माइक्रोप्रोसेसर को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों का दिमाग भी कहते हैं.