तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा विरोधी दलों के गठबंधन को मौजूदा वक्त की जरूरत बताया है. उनके इस बयान को आज के कई अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इस सिलसिले में गुरुवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात भी की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, ‘भाजपा नेतृत्व वाली मौजूदा केंद्र सरकार से लोकतंत्र को खतरा है. इसलिए हमने सभी राजनीतिक दलों को एक मंच पर आने का न्यौता दिया है.’ वहीं, राहुल गांधी ने भी भाजपा विरोधी दलों से एकजुट होने की अपील की.

असम : संदिग्ध उग्रवादियों ने पांच लोगों की हत्या की

असम के तिनसुकिया में संदिग्ध उग्रवादियों ने गुरुवार रात पांच लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. इनमें तीन एक ही परिवार के थे. वहीं, दो के घायल होने की भी बात सामने आई है. ये सभी बंगाली समुदाय के थे. अमर उजाला की खबर के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उग्रवादियों ने मारने से पहले इन्हें ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे कतार में खड़ा कर दिया था. असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना की निंदा की है. वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरसी से उपजे विवाद का नतीजा होने की आशंका जाहिर की है. उधर, इस घटना के विरोध में 14 संगठनों ने शुक्रवार से बेमियादी बंद का ऐलान किया है.

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला भी गुजारा भत्ता लेने की अधिकारी

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिला भी अब घरेलू हिंसा कानून-2005 के तहत गुजारा भत्ता ले सकती हैं. हिंदुस्तान की खबर के मुताबिक यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट ने दी है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस कानून में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय किए गए हैं. इसके तहत अविवाहित महिलाएं भी गुजारा भत्ते के लिए आग्रह कर सकती हैं. साथ ही, पीठ ने घरेलू हिंसा कानून को सीआरपीसी की धारा-125 की तुलना में अधिक राहत देने वाला बताया है. यह कानून महिला को घर साझा करने का भी अधिकार देता है. इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा था कि सीआरपीसी की धारा-125 के तहत महिला को गुजारा भत्ता देने का आदेश तभी दिया जा सकता है, जब महिला कानूनी तौर पर पुरुष के साथ विवाहित हो.

एनआरसी में नाम शामिल कराने के लिए दावे और आपत्तियां दायर करने की आखिरी तारीख 15 दिसंबर तय

असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में नाम शामिल कराने के लिए दावे और आपत्तियां दायर करने की आखिरी तारीख 15 दिसंबर तय की गई है. साथ ही, दावेदारों को 15 जनवरी, 2019 तक नोटिस जारी किए जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेज की सत्यापन की अंतिम समय-सीमा एक फरवरी, 2019 तय की है. दैनिक जागरण के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने दावेदारों को इसके लिए पांच दस्तावेज के इस्तेमाल की अनुमति है. इनमें 1951 का एनआरसी, 1966 और 1971 की मतदाता सूची, 1971 तक जारी शरणार्थी प्रमाणपत्र और 1971 में जारी राशन कार्ड. इससे पहले एनआरसी संयोजक ने इन दस्तावेजों के इस्तेमाल पर आपत्ति जाहिर की थी. अब तक एनआरसी के लिए 10 ऐसे विरासती दस्तावेज का इस्तेमाल किया जाता था जिन्हें 24 मार्च, 1971 की मध्यरात्रि तक जारी किया गया हो.

अमेरिका ने भारत के 50 उत्पादों पर ड्यूटी फ्री की छूट खत्म की

अमेरिका ने भारत के 50 उत्पादों पर ड्यूटी फ्री की छूट खत्म कर दी है. यानी अब इन चीजों के आयात पर अमेरिका में टैक्स वसूला जाएगा. नवभारत टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक फेडरल रजिस्टर ने इस बारे में गुरुवार को अधिसूचना जारी की है. इसमें कुल 90 विदेशी उत्पादों का उल्लेख किया है, जिन पर ड्यूटी फ्री के दायरे से बाहर किया गया है. बताया जाता है कि इनमें अधिकतर हैंडलूम और कृषि उत्पाद होने की वजह से भारत के छोटे और मझोले कारोबारियों पर इसका बुरा असर पड़ेगा. बीते साल भारत का अमेरिका को ड्यूटी फ्री निर्यात 5.6 अरब डॉलर से अधिक रहा है.